बता दें कि मोहल्ला ग्यासपुर निवासी पप्पू उर्फ भज्जू ईदगाह चौराहे पर टाटा मैजिक यूनियन पर टाइम कीपर था। वह चार फरवरी को दोपहर करीब दो बजे घर से ईदगाह चौराहे पर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन देर रात तक नहीं लौटे। परिवार वालों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कहीं कोई पता नहीं चल सका। तलाश के दौरान गांव गोवल के निकट एक गन्ने के खेत में पप्पू उर्फ भज्जू की चप्पलें मिली थीं। कोतवाली पुलिस ने भाई नसीम खां की ओर से गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। बुधवार को गांव गोवल के कुछ लोगों ने पानी भरी खाई में एक शव पड़ा देखा। शव पड़े होने की सूचना पर मौके पर तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर मोहल्ला ग्यासपुर निवासी नसीम खां और उनके घर वाले भी मौके पर पहुंच गए। नसीम खां ने ने शव की शिनाख्त अपने भाई पप्पू के रूप में की।
सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शषव को खाई से बाहर निकलवाया, जिस स्थान पर शव पड़ा हुआ था वहां काफी घास भी पड़ी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधर, मृतक के भाई नसीम ने भाई की हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका जताई है। शव मिलने से मृतक के घर में कोहराम मच गया है। मृतक के पिता बाबू खां, पत्नी रूबी बेगम, मां रूकैइया बेगम, पुत्र विक्की, लवी, फरदीन, पुत्री मंतसा और निदा का रोते रोते बुरा हाल है। थाना प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि शव पर चोट के कोई निशान नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।