दियूरिया कलां कोतवाली क्षेत्र में 06 अक्तूबर 2014 को विवाहिता सरोजा देवी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार ने विवाहिता के पति वीरपाल एवं ससुर रामप्रसाद को आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव मटेहना निवासी चरणजीत ने दियोरिया कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें कहा गया कि उसने अपनी बहन सरोजा देवी की शादी 24 अप्रैल 2012 को दियोरिया कोतवाली के गांव न्यूरापुर निवासी रामप्रसाद के पुत्र वीरपाल से की थी। शादी में दिए गए दहेज से ससुराली खुश नहीं थे और मोटर साइकिल की मांग कर रहे थे। आरोप है कि दहेज में मोटर साइकिल न देने पर ससुरालियों ने 06 अक्तूबर 2014 को सरोजा देवी की हत्या कर दी। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। विवेचना के बाद रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की गई। राज्य सरकार की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज पाठक एवं सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह तोमर ने की। इसकी सुनवाई के त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार ने विवाहिता की हत्या में पति वीरपाल एवं ससुर रामप्रसाद को दोषी पाया और दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी डाला है।