बेशकीमती बेंत के कटान की ग्राम प्रधान ने की अफसरों से शिकायत
टाइगर रिजर्व की वन सीमा से सटे इलाके में बेशकीमती बेंत का अवैध कटान का धंधा खूब फलफूल रहा है। बेशकीमती बेंत को काट कर गायब कर दिया जा रहा है। यह धंधा कटान व निकासी आदेश के सहारे किया जा रहा है।
जंगलों मेें बेंत व नरकुल बाघों का वासस्थल माना जाता है। कुछ लोगों ने अपनी दलदल भूमि पर नाममात्र को उगने वाले बेंत का प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय से कटान व निकासी आदेश प्राप्त कर उसकी आड़ में टाइगर रिजर्व व ग्राम समाज की भूमि पर खड़े बेंत का सफाया करना शुरू कर दिया है। इधर, धरमंगदपुर के ठेकेदार ने अपने व परिजनों की टाइगर रिजर्व से सटे पचपेड़ा ताल्लुके महाराजपुर में बेंत खड़ा दर्शाकर प्रभागीय वनाधिकारी के कार्यालय में कटान व निकासी लेने को आवेदन किया था। जिसमें वन क्षेत्राधिकारी बराही ने 19 फरवरी व उपप्रभागीय वनाधिकारी ने 20 फरवरी को अपनी संस्तुति सहित रिपोर्ट प्रभागीय वनाधिकारी को दे दी थी। जिसके बाद वनाधिकारी ने 21 फरवरी को किसान को कुछ शर्तों के आधार पर कटान व निकासी आदेश दे दिया। बताते हैं कि टाइगर रिजर्व की सीमा से सटी भूमि पर कुछ बेंत खड़ा है, वह उसकी भूमि तक फैल गया। इस पर उसने वन विभाग से सांठगांठ कर 2.208 हेक्टेयर पर बेंत दर्शा आरक्षित वन का बेंत कटवा डाला। इधर, ग्रामप्रधान जमालु्दद्दीन ने अधिकारियों से बिना सीमांकन सुतिया नाला व ग्राम समाज में खड़े बेंत का अवैध कटान करने की शिकायत की है। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। किसान ने अपनी भूमि पर खडे बेंत का परमिट लिया था, यदि कहीं वन भूमि पर बेंत का कटान हुआ है, तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।