मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अहसान हुसैन यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर सहित तीन पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश एसओ सुनगढ़ी को दिए हैं।
थाना पूरनपुर के गांव पिपरिया निवासी रूपराम ने कोर्ट में अर्जी दी। उसने बताया में कि ढाई साल पहले वह यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की पीलीभीत मुख्यालय शाखा पर कर्जा लेने आया। वहीं पर कस्बा पूरनपुर निवासी संतोष जायसवाल मिले।
उन्होंने मैनेजर से जान पहचान बताकर कर्जा दिलाने की बात कही। बाद में संतोष ने अपने घर बुलाकर कुछ कागजों पर उसके हस्ताक्षर कर लिए। अर्जी के अनुसार उसे बताया गया कि कर्जे की फाइल खारिज हो गई है और उसे कर्जा नहीं मिलेगा।
10 अप्रैल 2015 को उसे पता चला कि उसके नाम से पांच लाख रुपया कर्जा संतोष ने बैंक मैनेजर व फील्ड आफीसर से सांठगांठ कर निकाल लिया है। ब्याज सहित यह कर्जा 6.50 लाख हो गया है। आरोप है कि पुलिस ने धाखाधड़ी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित की अर्जी पर कोर्ट ने एसओ सुनगढ़ी को घटना की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।