अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डीएन सिंह ने दहेज उत्पीड़न के चार अलग-अलग मामलों में चारों विवाहितों के पति सहित 18 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश पुलिस को दिए हैं।
पहला मामला थाना अमरिया के गांव धुंधरी की हरप्रसाद की पुत्री मीना देवी का है। उसने कोर्ट में अर्जी देकर बताया कि उसका विवाह 29 अप्रैल 09 को कसबा रिठौरा (बरेली) निवासी रामऔतार के साथ हुआ है। दहेज में 50 हजार रुपये नगद और बाइक की मांग को लेकर पति रामऔतार, सास सुंदर देवी, जेठ ओमप्रकाश, जदवीर, जेठानी मुन्नी देवी ने मारपीट कर उसका उत्पीड़न किया। नाबालिग बेटी सहित घर से निकाल दिया।
दूसरा मामला थाना जहानाबाद के गांव सुंदरपुर निवासी हरप्यारी का है। उसने कोर्ट में बताया कि तीन साल पहले थाना गजरौला के गांव वाहनपुर निवासी लीलाधर के पुत्र सूरजपाल से विवाह हुआ है। बाइक व 50 हजार रुपये की मांग को लेकर पति, ससुर, चचिया ससुर ख्यालीराम, डालचंद और सास नमिता देवी ने मारपीट कर घर से निकाल दिया है।
तीसरा मामला थाना उत्तरी सेहरामऊ के गांव पिपरा मुजफ्ता निवासी फूलमती का है। फूलमती ने कोर्ट में अर्जी देकर बताया कि उसका विवाह पांच साल पहले गांव बिजुआ (लखीमपुर खीरी) निवासी मुन्नालाल के साथ हुआ है। शादी के बाद ही पति, जेठ रामसार, देवर संजय कुमार और सास सितवो देवी दहेज में टीवी, फ्रिज, बाइक आदि की मांग को लेकर उत्पीड़ित करने लगे। उसे मारपीट कर मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाने का प्रयास किया।
चौथा मामला थाना जहानाबाद के गांव आलमडांडी निवासी अर्चना गंगवार का है। अर्चना ने कोर्ट में बताया कि उसका विवाह दो साल पहले थाना जहानाबाद के गांव बार नवादा निवासी बृजलाल के पुत्र प्रेमपाल के साथ हुआ है। दहेज में टीवी, अलमारी, डबलबेड, नगदी और बाइक की मांग को लेकर पति, ससुर, सास निर्मला देवी, ननद कुसुमा देवी मारपीट करने लगीं। जान से मारने की नीयत से रात में सोते समय गला दबाने की कोशिश की। पीड़िता ने बताया कि दहेज में सौर ऊर्जा भी मांगी गई। सभी मामलों में पीड़िताओं ने कोर्ट में बताया की संबंधित थाने की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डीन सिंह ने चारों मामलों की सुनवाई के बाद संबंधित थानाध्यक्षों को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।