चार साल पहले बरेली नेशनल हाइवे पर गैस एजेंसी के समीप सरेशाम हुए दोहरे हत्याकांड के चार आरोपियों को सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने आजीवन कारावास और प्रत्येक को सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में दंपति और दो भाई शामिल हैं।
गांव खरुआ निवासी सुषमा देवी ने दो मई 2011 को थाना जहानाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके अनुसार वह अपने गांव के आशीष शर्मा के साथ गांव बालपुर के पास गैस एजेंसी पर जानकारी करने गई थीं। वहीं सड़क किनारे उसके पति आनंद सिंह और पंजाब निवासी सुरेंद्र कुमार धीर को बालपुर पट्टी गांव के छैल बिहारी, उसकी पत्नी शकुंतला, भाई देवी सिंह, डालचंद्र, भारत और डालचंद्र का पुत्र तेजपाल कांता फावड़ा डंडों आदि से शाम करीब साढ़े छह बजे मार रहे थे। शोरगुल पर आरोपी भाग गए।
दोनों को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। तेजपाल और भारत घटना के समय नाबालिग पाए गए। 29 सिंतबर 2011 को उनका मामला सुनवाई के लिए किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया गया।
अब इस मामले में छैल बिहारी, उसके भाई देवी सिंह व डालचंद्र और पत्नी शकुंतला को कोर्ट ने दोषी पाकर सश्रम आजीवन कारावास और प्रत्येक को सात हजार रुपये जुर्माना सुनाया है। इस रकम में से दोनों मृतकों की पत्नियों को दस हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का भी आदेश दिया है।