घटना शुक्रवार की देर शाम गांव सिमरिया गौसू में हुई। 10 मार्च को एक व्यक्ति की 19 वर्षीय बेटी को एक युवक बहला फुसलाकर भगा ले गया था। युवती के घरवालों ने मामले की तहरीर पुलिस को नहीं दी। वह खुद युवती की तलाश कर रहे थे। शुक्रवार को युवती के घर वालों को शक हुआ कि उसकी बेटी को गांव सिमरिया गौसू निवासी दलित सोहनलाल का पुत्र विजयपाल बहला फुसलाकर भगा ले गया है।
इससे आक्रोषित युवती के घर वाले जटाव समाज के तमाम लोगों के साथ सोहनलाल के घर पर लाठी, डंडों के साथ धावा बोल दिया। हमलावरों ने घर में जो मिला उसकी पिटाई की। घर में रखा सामान तोड़फोड़ दिया। हमलावरों की पिटाई से मायादेवी, सुमन देवी, राजू, सोनू व रामऔतार घायल हो गए। करीब आधा घंटे तक हमलावरों ने घर में उत्पात मचाया। इससे गांव में अफरातफरी मच गई।
गांव वालों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सीओ जहॉनाबाद निर्मल कुमार विष्ट, एसओ शमशाद अली मय फोर्स पहुंच गए। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य आरोपी भाग गए। एसओ शमशाद अहमद ने बताया कि सोहनलाल की ओर से गांव के 22 लोग नामजद और 40-50 अज्ञात के खिलाफ धारा 147, 148, 341, 504, 506, 427, 452 व एससीएसटीए एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। नामजदों में से तीन आरोपी गौरव, प्रेमपाल और सुंदरलाल को गिरफ्तार कर चालान भेजा गया है।
गांव में तनाव पुलिस तैनात
घर में घुसकर पिटाई की घटना से जहां दलित तबके के लोगों में भय व्याप्त है। घटना को लेकर ग्रामीणों में रोष है। सीओ ने बताया कि दोनों पक्षों में व्याप्त तनाव को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से गांव में एक दरोगा और पांच सिपाही तैनात किए गए हैं।