गांव मधवापुर का मामला, शराब के नशे में द्वारचार पर काटा था हंगामा
थाने में बैठाने से क्षुब्ध कन्या पक्ष ने कर दिया मना
कोतवाली क्षेत्र के गांव मधवापुर में शनिवार की शाम आई में कुछ बारातियों द्वारा शराब पीकर हंगामा करने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। वर पक्ष की शिकायत पर पहुंचे हलका दरोगा ने कन्या पक्ष को हड़काया और कन्या पक्ष के कुछ लोगों को बेवजह कोतवाली में बिठा लिया। बाद में विधायक के कहने पर उन लोगों को छोड़ा गया। जलालत से क्षुब्ध होकर कन्या पक्ष ने शादी करने से मना कर दिया है, जिससे बाराती बिन दुलहन ही मायूस होकर लौट गए।
दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के गांव मधवापुर निवासी घासीराम की पुत्री की बारात शनिवार की शाम थाना जहानाबाद के गांव ढकिया नवादा से आई थी। द्वारचार के समय चार बारातियों ने शराब के नशे में धुत्त होकर द्वारचार के समय कन्या के दरवाजे पर काफी हंगामा किया। इस पर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। वर पक्ष के कुछ लोगों ने सूचना देकर हलका दारोगा सरोज कुमार को मौके पर बुला लिया। बताया जाता है कि बारातियों ने हलका दारोगा को कुछ सुविधा शुल्क भी दे दिया था। आरोप है कि हलका दारोगा ने कन्या पक्ष के लोगों को काफी हड़काया। दारोगा ने कन्या पक्ष के कुछ लोगों को बेवजह कोतवाली ले जाकर बिठा लिया, जिससे वैवाहिक कार्यक्रम शुरू ही नहीं हो पाया। बाद में भाजपा विधायक रामसरन वर्मा के कहने पर पुलिस ने कोतवाली में बिठाए कन्या पक्ष के लोगों को रात लगभग दो बजे छोड़ दिया। इसके बाद जलालत से क्षुब्ध होकर कन्या पक्ष के लोगों ने शादी करने से मना कर दिया, जिससे वर पक्ष के होश फाख्ता हो गए। हालांकि वर पक्ष ने कन्या पक्ष को शादी करने के लिए काफी तैयार किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। आखिरकार वर पक्ष के लोग बिना शादी किए ही रविवार को सुबह बारात लेकर बैरंग लौट गए। इस हंगामे की वजह से बारात की सारी तैयारियां धरी रह गई। बारातियों को भोजन भी नहीं मिल सका। इधर भाजपा विधायक ने रविवार को फोन पर एसपी से दारोगा की शिकायत की है।