चोरी की बाइक समेत पकड़े गए आरोपी जाकिर को छोड़ना एसपी के लिए कोई बड़ी बात नहीं है। आरोपी को छोड़ने वाली जहॉनाबाद पुलिस पर कार्रवाई करने की जगह एसपी ने गुडवर्क माना है और एसओ को सही बता रहे हैं। यह बात पुलिस अफसरों, कर्मचारियों और जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
12 सितंबर को जहॉनाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर अमरिया रोड पर स्थित एक आटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स की दुकान पर छापा मारा था। वहां पुलिस ने शातिर बाइक चोर जहॉनाबाद के कसबा काजी टोला निवासी जाकिर व दो अन्य लोगों को दबोचा था। पुलिस ने मौके से नानकमत्ता से चोरी की गई एक बाइक भी बरामद की थी।
एसओ ने अगले दिन जाकिर व एक अन्य आरोपी को छोड़ दिया। 15 सितंबर को तीसरे आरोपी को भी छोड़ दिया। इसी दिन अमर उजाला ने जब छोड़े जाने के बाबत एसओ से देर शाम पूछा तो उन्होंने आधी रात में आरोपी शातिर चोर को घर से थाना बुला लिया और उसे गिरफ्तारी दिखाकर अगले दिन चालान भेज दिया था। वहीं छपी खबर पर संज्ञान लेते हुए जब एएसपी सुधीर कुमार सिंह ने मामले की जानकारी ली तो एसओ ने शातिर चोर को सुपुर्दगी में देने की बात कही थी।
इस पर एएसपी काफी नाराज भी हुए और एसओ को फटकार लगाई थी। एसपी जवाहर से जब इस बाबत पूछा गया तो वह पूरी तरह से एसओ के बचाव में नजर आए। उन्होंने कहा कि शातिर बाइक चोर को अन्य साथियों की सुरागरसी के लिए छोड़ा गया था। उसे बाद में गिरफ्तार कर पुलिस ने चालान कर दिया। एसपी की इस कार्यप्रणाली से मातहतों में चर्चा का विषय बन गया है।
राजनीतिक दबाव में दोबारा हुई थी तैनाती
एसओ जहॉनाबाद धनंजय सिंह की जिले के एक वरिष्ठ नेता से अनबन हो गई थी। इस पर छह महीने पहले एसओ का तबादला गैर जनपद हो गया था। बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया। समझौता होने के बाद उनका तबादला निरस्त कर दिया गया था। कुछ दिन बाद एसओ ने पुलिस लाइन में आकर दोबारा आमद करा ली। फिर पूर्व एसपी जेके शाही ने राजनीतिक दबाव में धनंजय सिंह को दोबारा जहॉनाबाद में तैनाती दे दी।