हालांकि पुलिस घटना को अंजाम देने वाले एक भी बदमाश को अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
नगर के मोहल्ला चौक में 11 नवंबर को सशस्त्र बदमाशों ने सर्राफ व्यापारी अनिल अग्रवाल की गोली मारकर उस समय हत्या कर दी थी, जब वे दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने सर्राफ व्यापारी के छोटे पुत्र अभय अग्रवाल की ओर से चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। घटना के खुलासा के प्रयास में जुटी पुलिस ने मंगलवार को घटना के खुलासा का दावा किया। एसएसआई अमर सिंह ने बताया कि घटना की साजिश सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव बागर के पूर्व प्रधान रज्जू उर्फ राजेंद्र सिंह ने बनाई थी। घटना को हजारा थाना के सिद्धनगर निवासी सर्वजीत उर्फ बिल्लू, गांव बाजार घाट के भजन सिंह, उसके भाई जागीर सिंह और लखीमपुर खीरी के थाना सिंर्घाई के माझा फार्म निवासी बग्गा सिंह ने अंजाम दिया था।
उन्होंने बताया कि रज्जू सिंह की बिल्लू सिंह से घटना के एक दिन पहले, घटना के दिन आठ बार और घटना के एक दिन बाद कई बार बात हुई। बदमाश लूट के इरादे से अनिल अग्रवाल की दुकान पर पहुंचे थे। बदमाशों के सेफ की चाबी मांगने पर सर्राफ ने दुकान से भागने का प्रयास किया। इस पर बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के अगले दिन बदमाशों ने रज्जू सिंह के घर पहुंचकर दावत भी खाई थी।
घटना से पहले बंद कर दिया था मोबाइल
एसएसआई अमर सिंह ने बताया कि बिल्लू सिंह ने घटना के दिन नगर में आने से पहले ही अपना मोबाइल बंद कर लिया था। इसके बाद अगले दिन मोबाइल खोला गया।
आरोपियों पर हैं हत्या और लूट के मुकदमे
एसएसआई ने बताया कि सिंघाई के बग्गा सिंह ने लखीमपुर खीरी में एक सिपाही की हत्या की थी। बिल्लू सिंह के खिलाफ संपूर्णानगर थाने में ट्रैैक्टर लूट आदि के मुकदमे हैं। भजन सिंह हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या, लूट सहित विभिन्न अपराधों के कई मुकदमे हैं। रज्जू सिंह भी अपराधिक प्रवृत्ति का है।