दुराचार की शिकार हुई पीड़िता करीब एक घंटे तक अपने चाचा की गोद में पड़ी तडफ़ती रही, लेकिन महिला अस्पताल के डॉक्टरों में मानवीयता नहीं जागी। डॉक्टरों ने बिना महिला सिपाही के उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसी बीच बालिका के घर वालों के साथ पहुंचे बरखेड़ा सपा विधायक हेमराज वर्मा ने जब डॉक्टरों से कड़ी नाराजगी जताई तो हरकत में आए अस्पताल प्रशासन ने बालिका को भर्ती कर इलाज शुरू किया।
ु थाना न्यूरिया क्षेत्र में छह वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने महिला सिपाही प्रीती के साथ बालिका को भेजकर रात करीब ढाई बजे सीएचसी न्यूरिया में भर्ती कराया था। जहां महिला डॉक्टर न होने के कारण सीएचसी के डॉक्टर ने उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस पर बालिका को लेकर घर वाले तड़के जब महिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे और डॉक्टरों से भर्ती करने को कहा तो डॉक्टरों ने महिला सिपाही के न आने तक भर्ती करने से इंकार कर दिया। पीड़ित बालिका अपने चाचा की गोद में तडफ़ती रही। इसी बीच बरखेड़ा के सपा विधायक बालिका की हालत देखने जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो घर वालों ने विधायक से बताया कि डॉक्टरों ने भर्ती करने से इंकार कर दिया है। इस पर खफा हुए विधायक हेमराम वर्मा ने सीएमएस को बुलाकर कड़ी नाराजगी जताई। जिस पर अस्पताल में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों ने आनन-फानन में बालिका को भर्ती कर उपचार शुरू किया। एसपी ने महिला सिपाही को अपने दफ्तर पर तलब किया है। उन्होंने बताया कि वह मामले की जांच कराएंगे। यदि महिला सिपाही की अस्पताल में मौजूदगी नहीं मिली तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मानसिक रोग से पीड़ित है आरोपी
आरोपी देवेंद्र के पिता रतनलाल ने बताया कि उनका पुत्र मानसिक रोगी है। जनवरी 2015 से उसका इलाज बरेली के एक डॉक्टर के पास चल रहा है। एसपी जवाहर ने बताया कि उसके मानसिक रोगी होने की जानकारी उन्हें मिली है, लेकिन वह इतना मानसिक रोगी भी नहीं है कि वह अच्छा-बुरा भी अपना न समझ सके।
इससे पहले भी कर चुका है छेड़छाड़
बालिका को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले युवक ने इससे पहले भी गांव में ही दो किशोरियों के साथ छेड़छाड़ की थी। इस पर गांव वालों ने उसकी जमकर पिटाई की थी और बाद में छोड़ दिया था। गांव वालों के मुताबिक दोनों मामलों की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी।
सीओ ने महिला डॉक्टर से की बात
एसपी जवाहर के आदेश पर सीओ सिटी जिला महिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बालिका का मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टरों से वार्ता की और प्राइवेट पार्ट आदि पर आए चोटों की जानकारी ली। बालिका के चेहरे और गर्दन पर कुल चार चोटें भी पाईं गईं हैं।
जानकारी मिलने पर बालिका को देखने के उद्देश्य से मैं अस्पताल गया था। इमरेजेंसी के बाहर बैठे परिवार वालों ने बताया कि डॉक्टर बालिका को भर्ती नहीं कर रहे हैं। इस पर सीएमएस को बुलाकर नाराजगी जताई थी। महिला अस्पताल में मरीजों के साथ लापरवाही की शिकायत डीएम से की है और शासन से भी करेंगे।
हेमराज वर्मा, सपा विधायक बरखेड़ा
बालिका का सुबह मेडिकल डॉ. विजय लक्ष्मी ने किया था। बालिका ने पेट में तेज दर्द होने की शिकायत की थी। डॉक्टर ने उसे पुरुष अस्पताल एक्सरे के लिए भेजा था। बालिका जब वहां पहुंची तो एक्सरे 10 बजे होने की बात किसी ने कही थी। घर वाले पीड़िताओं के लिए आरक्षित कमरे में न जाकर इमरजेंसी में बैठे थे। भर्ती न करने का आरोप गलत है। बालिका की मेडिकोलीगल रिपोर्ट दो दिन में तैयार हो जाएगी।
डॉ. अनीता चौरसिया, सीएमएस जिला महिला अस्पताल