गांव मरौरी निवासी 20 वर्षीय बालकराम से किसी की ऐसी क्या दुश्मनी थी, जो चेहरे पर तेजाब डालकर उसे जिंदगी भर का जख्म दे दिया। इस सवाल का जवाब न तो पुलिस दे पा रही है और न ही घर वाले। लेकिन घटना किसी बड़ी दुश्मनी की ओर इशारा कर रही है। उधर प्रभारी एसओ ने अस्पताल पहुंचकर झुलसे युवक और उसके घर वालों के बयान लिए। घटना स्थल का निरीक्षण किया, लेकिन 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
28 जनवरी की रात अज्ञात लोगों ने थाना न्यूरिया के गांव मरौरी निवासी 20 वर्षीय बालकराम पर सोते समय तेजाब डाल दिया था। जिससे उसका चेहरा बुरी तरह से झुलस गया है। पुलिस ने झुलसे युवक के भाई मेवालाल की ओर से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। झुलसे बालकराम के साथ-साथ उसके पिता आत्माराम दावे के साथ कहते हैं कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है।
माली हालत भी ज्यादा अच्छी नहीं है। जिससे यह कहा जा सके कि कोई चोरी, लूट, आदि की नीयत से घर में घुसा होगा और उसने विरोध करने पर घटना को अंजाम दे दिया होगा। बालकराम के मुताबिक जब उसके चेहरे पर तेजाब पड़ा तब उसे खुद पर हमले की जानकारी हुई थी। घर वाले भी उसकी चीख पर जागे। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना किसी रंजिश के कोई किसी के ऊपर तेजाबी हमला क्यों करेगा?
ग्रामीणों के हलक से भी यह बात नीचे नहीं उतर रही है। प्राय: ऐसे हमले खासतौर पर सामाजिक ठेस पहुंचाने या फिर बड़े मामलों की रंजिश को लेकर किए जाते हैं। गांव वाले भी इस घटना से सन्न हैं। वह भी इस घटना पर कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। गुरुवार को प्रभारी एसओ इंद्रजीत ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। झुलसे युवक और उसके घर वालों, ग्रामीणों से भी बातचीत की।
घटनास्थल भी देखा। फिर भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। प्रभारी एसओ अब किसी बड़ी रंजिश के परिणामस्वरूप घटना होने का शक जाहिर कर रहे हैं तथा उसी दिशा में अपनी जांच को लेजा रहे हैं।