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विकलांग ने पुलिस पर दबंगो से साठ गांठ कर मकान पर कब्जा कराने का आरोप लगा पत्नि के साथ थाने मे आत्मदाह का किया प्रयास।

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खेकड़ा (बागपत)।
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डीएम और एसडीएम के आदेश के बाद भी पैतृक भूमि पर बने मकान पर कब्जा करने वाले भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से दुखी दंपति ने शनिवार को थाने में मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की। थाने में मौजूद कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर दंपति को बचाया। इस दौरान थाने में लोगों ने मूकदर्शक बने पुलिस कर्मियों को भी खूब भला बुरा कहा। लोगों की सूचना पर थाने पहुंचे एसडीएम ने थानेदार को आदेश की अवहेलना करने पर फटकार लगाई। बाद में मौके पर पहुंच कर पीड़ित दंपति को मकान का कब्जा दिलाया।
नगर के मोहल्ला चक्रसेनपुर निवासी तीस वर्षीय विकलांग राकेश पुत्र बाबू नगर की एक हैंडलूम इकाई में मजदूरी करता है। वह अपनी पत्नी और वृद्ध मां के साथ डेढ़ वर्ष पूर्व से नानू मार्ग स्थित अपने आवास में रह रहा था। आरोप है करीब डेढ़ वर्ष पहले भूमाफिया ने थाना पुलिस से साठगांठ कर उन्हें मकान से मारपीट कर भगा दिया। बाद में पुलिस ने मकान को विवादित बताकर उस पर ताला लगा दिया था। पीड़ित विकलांग करीब डेढ़ वर्ष से संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक चुका था। पीड़ित ने वर्तमान जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को भी एक दशक से भी पहले नगर पालिका के अभिलेखों में दर्ज अपने पैतृक मकान के कागज दिखाए। जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी खेकड़ा ने थाना पुलिस को निर्देश दिए पीड़ित मकान का मालिक है और उसे मकान पर तत्काल कब्जा दिलाया जाए।
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शनिवार की शाम करीब छह बजे विकलांग राकेश अपनी पत्नी विनीता के साथ खेकड़ा थाने में पहुंचा। उसने पुलिस पर भूमाफिया से मिलकर मकान पर कब्जा कराने और अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाया। मकान पर कब्जा न देने का आरोप लगाकर दंपति ने कैन में लेकर आए मिट्टी के तेल को अपने ऊपर डाल लिया और आग लगाने लगे। इस दौरान थाने में मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही। थाने में उपस्थिति अन्य लोगों ने मानवता का परिचय देकर दंपति को आत्मदाह करने से बचा लिया। मौजूद लोगों ने आत्मदाह करने के दौरान बचाने के बजाय मूकदर्शक बनी पुलिस को खूब खरी खोटी सुनाई।
लोगों ने दंपति को समझा कर शांत किया और फोन करके उपजिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय को घटनाक्रम की जानकारी दी। लोगों ने दंपति को न्याय दिलाने का वादा किया। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी अजय उपाध्याय तत्काल थाने पहुंचे और थाना प्रभारी देवेंद्र विष्ट को कहा अभिलेखों के आधार पर विकलांग का पैतृक भूमि पर बना मकान है, जो नगर पालिका के अभिलेखों में भी दर्ज है। किस प्रकार उसे विवादित दर्शाया गया। शनिवार की सुबह जब विकलांग को उनके मकान का कब्जा देने के आदेश दिए थे तो इसके ढिलाई क्यों बरती गई। इसके बाद एसडीएम ने पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंचकर विकलांग राकेश को उनके मकान पर कब्जा दिलवाया। साथ ही चेतावनी दी यदि किसी ने उनके मकान पर कब्जा करने या उन्हें परेशान करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी तरफ पुलिस क्षेत्राधिकारी खेकड़ा संजीव सुमन ने कहा डीएम एवं जिलाधिकारी ने सुबह के समय संबंधित मकान पर विकलांग को कब्जा देने के आदेश तो कर दिए, लेकिन शाम तक कहने के बाद भी तहसील से कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी मौके पर जाने के लिए थाने नहीं आया।
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उधर, उपजिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने कहा पुलिस ने बिना तहसील के अधिकारी के आदेश के बिना किस वजह से उस मकान पर दूसरे पक्ष को कब्जा कराया। इसमें भी तहसील से कब्जा दिलाते समय किसी को बुलाना चाहिए था। अब पीड़ित को कब्जा दिलाते समय आखिर तहसील के अधिकारी की आवश्यकता क्यों बताई गई। पुलिस की कार्यप्रणाली इस मामले में पूरी तरह संदिग्ध है। इसकी रिपोर्ट वह जिलाधिकारी को भेजेंगे।
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