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जन्म प्रमाणपत्र जारी न करने पर ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित

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पीलीभीत। ग्राम पंचायत अधिकारी रिजवान को जन्म प्रमाण पत्र जारी करने में लापरवाही बरतना और आवेदक के साथ मारपीट करना भारी पड़ गया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद सीओ प्रशांत कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर बुधवार को डीपीआरओ ने आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।
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बरखेड़ा ब्लॉक के जगीपुर गांव निवासी कृष्णपाल ने 17 फरवरी को एसडीएम बीसलपुर के यहां अपने पुत्र क्रश वर्मा के जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। 22 फरवरी को एसडीएम ने बीडीओ को नियमानुसार जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। पिछले करीब छह महीने से कृष्णपाल अपने बेटे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी रिजवान के पास चक्कर लगा रहे थे। इस बीच उन पर सुविधा शुल्क मांगने का भी आरोप लगा। कृष्णपाल के मुताबिक 28 जुलाई को वह फिर रिजवान के पास बेटे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचे। आरोप है कि उन्हें देखकर ग्राम पंचायत आग बबूला हो गए। उन्होंने अपने साथियों की मदद से कृष्णपाल को पीटा था।
ब्लॉक कार्यालय में मारपीट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। शासन ने इसे मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम पुलकित खरे को जांच कराने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर सीडीओ प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने बीडीओ बरखेड़ा और एलआईयू से जांच कराई। उनकी जांच में मामला सही पाया गया। बुधवार को सीडीओ के निर्देश पर ग्राम पंचायत अधिकारी रिजवान को निलंबित कर दिया गया है।
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पहले भी विवादित रहे चुके हैं रिजवान
ललौरीखेड़ा ब्लॉक में तैनाती के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी रिजवान विवादित रह चुके। तैनाती के दौरान ग्राम पंचायत भानपुर के ग्रामीणों ने विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया था। इस पर विकास कार्यों की जांच की गई थी, लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी ने जांच अधिकारी के संबंधित दस्तावेज देने से मना कर दिया। इस पर जांच अधिकारी ने पांच लाख का गबन दिखाते हुए रिकवरी की संस्तुति की थी। गबन का आरोप लगने के बाद ग्राम पंचायत अधिकारी जांच अधिकारी से दोबारा जांच की मांग करने लगे थे। हालांकि अभी यह प्रकरण लंबित है।
जन्म प्रमाणपत्र के मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी रिजवान की जांच कराई गई थी। जांच में आरोप सही मिलने पर ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। - प्रमोद कुमार यादव, डीपीआरओ
करीब पांच माह तक ग्राम पंचायत अधिकारी ने जन्म प्रमाणपत्र जारी नहीं किया। मामला संज्ञान में आने के बाद जांच कराई गई। जांच में प्रकरण सही निकला। इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। - प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ
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