फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब ऑनलाइन भरी जाएगी होमगार्ड की ड्यूटी, गैरहाजिर होने पर मोबाइल पर पहुंचेगा मैसेज

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। होमगार्ड की ड्यूटी का मस्टररोल अब ऑनलाइन होगा। इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। सब कुछ ठीक रहा तो अगले माह से इस व्यवस्था को अमल में लाया जाएगा। इसके लिए सभी को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। वहीं ड्यूटी से गैरहाजिर होने वाले होमगार्ड के मोबाइल पर गैरहाजिरी का मेसेज पहुंच जाएगा।
विज्ञापन

इस व्यवस्था के तहत सॉफ्टवेयर पर अपडेट करना होगा कि जिन होमगार्डों की ड्यूटी लगी है, उसमें से कितने हाजिर हैं और कितने गैरहाजिर। सॉफ्टवेयर में गैरहाजिर पर क्लिक होते ही होमगार्डों के मोबाइल पर गैरहाजिरी का मेसेज पहुंच जाएगा। अगर होमगार्ड ड्यूटी कर रहा है और सॉफ्टवेयर ने गैरहाजिर कर दिया है तो इसे दुरुस्त कराने के लिए होमगार्ड को समय दिया जाएगा। होमगार्डों की भी उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक, आधार या लोकेशन बेस अटेंडेंस का विकल्प दिया जाएगा। ऐसे में तैनाती स्थल से ही लोकेशन के बारे में भी सही जानकारी मिल सकेगी।
जिले में 749 होमगार्ड तैनात हैं। अब थानों से लेकर चौराहों, कार्यालय व अन्य स्थानों पर ड्यूटी करने वाले होमगार्डों की ड्यूटी ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिले में मस्टररोल पर हाजिरी के अलावा लोकेशन पर आधारित हाजिरी ऑनलाइन होगी। इसके लिए मोबाइल एप, बायोमेट्रिक उपस्थिति आदि विकल्प का प्रयोग किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद होमगार्डों को ड्यूटी करने में सहूलियत होगी और उनकी ड्यूटी लगाने में पारदर्शिता बरती जाएगी। इससे उपस्थिति और ड्यूटी कहां लगाई गई है, इसके बारे में भी अधिकारियों को पता चल सकेगा।
विज्ञापन

थानाध्यक्षों को भी दिया जाएगा लॉगिन पासवर्ड
थानों में ड्यूटी के दौरान पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। थाने में इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष को जो यूजर आईडी दी जाएगी, उस पर केवल उसी के क्षेत्र की ड्यूटी दिखेगी, जबकि पुलिस अधीक्षक स्तर पर दी जाने वाली यूजर आईडी और पासवर्ड पर पूरे जिले में किस थाने पर कितने होमगार्ड लगे हैं और कितने अनुपस्थित हैं, की सूचना तत्काल मिल जाएगी। महीने के अंत में थाना प्रभारियों द्वारा जो डाटा फीड किया जाएगा, उसी के अनुसार होमगार्डों का वेतन बनेगा।
अभी ऐसे लगती है ड्यूटी
जिला कमांडेंट कार्यालय में ड्यूटी की मूल प्रति जमा की जाती है। कमांडेंट ड्यूटी का आवंटन करते हैं। लेकिन उनके पास इस बात का लेखा जोखा नहीं रहता है कि जवान ड्यूटी पर गया है या नहीं। ऐसे में इस कमजोर व्यवस्था का लाभ उठाकर गड़बड़ी कर दी जाती है। ड्यूटी पर जाने वाले होमगार्डों की थानों की जीडी में ड्यूटी के पहले दिन की इंट्री होती है। उसके बाद कब तक ड्यूटी की, कहां-कहां ड्यूटी की, इसका कोई हिसाब किताब नहीं होता है। अब व्यवस्था ऑनलाइन होने के बाद ड्यूटी में होने वाली गड़बड़ी दूर हो जाएगी।
ऑनलाइन व्यवस्था कराई जा रही है। इससे कार्यालय के अलावा होमगार्ड को भी आसानी रहेगी। इस पर लंबे समय से काम चल रहा है। उम्मीद है कि अगले माह यह व्यवस्था शुरू कर दी जाए। इस व्यवस्था से जवान की ड्यूटी और हाजिर और गैरहाजिर का पता आसानी से लग सकते हैैं। - अंकिता श्रीवास्तव, जिला कमांडेंट, होमगार्ड
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें