फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंस्पेक्टर को कोर्ट ने तलब किया फिर पुलिस अधीक्षक ने जांच बैठाई

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए रिश्वत देने आए प्रधान के पति को जेल भेजने के बाद सुर्खियां बटोर रहे इंस्पेक्टर गजरौला नरेश कश्यप की मामले की लिखा-पढ़ी करने में लापरवाही सामने आई है। ऐसे में शिथिल पर्यवेक्षण मानकर सीओ सिटी ने इसकी रिपोर्ट एसपी को दी है। एसपी ने इंस्पेक्टर गजरौला के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी सीओ सदर योगेंद्र कुमार को बनाया गया है। उधर, न्यायालय ने भी इंस्पेक्टर को तलब किया है। इंस्पेक्टर नरेश कश्यप की ओर से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज कराया गया ये दूसरा मामला है। इससे पूर्व वह न्यूरिया में भी रिश्वत देने आए एक व्यक्ति को एफआईआर दर्ज कर जेल भेज चुके हैं।
विज्ञापन

गजरौला क्षेत्र की एक महिला ने नौ सितंबर को एडीजी बरेली जोन के समक्ष पेश होकर होमगार्ड समेत दो लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। गजरौला पुलिस ने मामले की जांच की तो मामला पेशबंदी में झूठी शिकायत करने का निकला। कुछ दिन बाद इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रधान के पति रजा बख्श गजरौला थाने पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने इंस्पेक्टर नरेश कश्यप को दस हजार रुपये रिश्वत देने की कोशिश की। इसके बाद इंस्पेक्टर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी प्रधान पति को जेल भेज दिया था। इधर, अब इंस्पेक्टर पर मामले की लिखा-पढ़ी में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। प्रधान के पति को कोर्ट में पेश करने के दौरान चालान रिपोर्ट के साथ एफआईआर की कॉपी नहीं लगाई गई थी। बरामदगी का विवरण भी ठीक से दर्ज नहीं किया गया था। इस पर कोर्ट ने उन्हें तलब किया है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भी शिथिल पर्यवेक्षण मानते हुए सख्ती की है। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर एसपी को भेज दी है। एसपी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि सीओ से इसकी जानकारी मिली है। इंस्पेक्टर नरेश कश्यप की प्रारंभिक जांच सीओ सदर योगेंद्र कुमार को दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें