पूरनपुर। गोकशी की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने शेरपुरकलां के एक बाग में छापा मारा। मौके से पुलिस ने 50 किलो गोमांस, औजार के साथ गांव निवासी शातिर तस्कर रिजवान को धर दबोचा, जबकि छह भाग गए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर पकड़े गए तस्कर को जेल भेज दिया है। उसके पास से तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ है।
कोतवाली पुलिस को शनिवार सुबह सूचना मिली कि शेरपुरकलां के बाग में गोकशी की जा रही है। इस पर दरोगा अब्दुल समीद ने टीम के साथ छापा मारा। पुलिस के पहुंचते ही छह तस्कर भाग गए, जबकि एक को मौके से धर दबोचा। पुलिस ने पीछा कर अन्य को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन असफल रही। पकड़े गए रिजवान से तमंचा-कारतूस बरामद हुआ। इसके अलावा मौके से पुलिस ने 50 किलो गोमांस, औजार बरामद किए। एक गोवंशीय पशु भी मौके पर मिला। पुलिस पकड़े गए तस्कर को कोतवाली लाई और पूछताछ की। कोतवाल अतर सिंह ने बताया कि दरोगा अब्दुल समीद की तरफ से शेरपुरकलां निवासी रिजवान, छोटू, नाजिम, अजीम, शरीफ, कमर और मोहल्ला साहूकारा निवासी मुन्ना के खिलाफ गोवध अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज की गई है। अवैध तमंचा बरामदगी पर रिजवान के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से एफआईआर दर्ज हुई है। गिरफ्तार रिजवान को जेल भेज दिया है। फरार तस्करों की धरपकड़ को दबिश जारी है।
अफसर ही डाल रहे जहानाबाद पुलिस के खेल पर पर्दा
पीलीभीत। चक कटैया गांव में चार दिन पूर्व छापा मारकर गोमांस पकड़ने के मामले में मौके से पकड़े गए संदिग्धों को छोड़ने और एफआईआर में महज दो बाइक कब्जे में लेने पर उठ रहे सवालों का संतोषजनक जवाब अफसर भी नहीं दे पा रहे हैं। जहां एक तरफ राजनीतिक दबाव में ऐसा करने की चर्चाएं हैं, वहीं अधिकारी गुत्थी को सुलझाने के बजाय पुलिस के खेल पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल अब एसपी ने इस मामले में जल्द स्थिति स्पष्ट करने का भरोसा दिलाया है।
घटना नौ सितंबर की है। जहानाबाद पुलिस ने गोकशी की सूचना मिलने पर क्षेत्र के ग्राम चक कटैया में छापा मारा था। यहां से पुलिस आठ लोगों को हिरासत में लेकर थाने आई थी। 20 से अधिक बाइकें भी कब्जे में ली गईं और गोमांस बरामद किया था। काफी देर पुलिस कार्रवाई को लेकर चुप्पी साधे रही। इसी बीच कस्बे में राजनीतिक दबाव को लेकर कार्रवाई में खेल करने की चर्चाएं शुरू हो गईं। इन चर्चाओं को बल उस वक्त मिला जब पुलिस ने घटना का खुलासा किया। इसमें 20 किग्रा गोमांस की बरामदगी दर्शाते हुए दो लोगों की गिरफ्तारी बताई गई। मौके से दो बाइक पकड़ने का जिक्र किया गया। हिरासत में लिए बाकी युवकों को छोड़ दिया गया। हालांकि बाइक अभी भी जहानाबाद पुलिस के कब्जे में हैं। इसे लेकर पुलिस पर खेल करने के आरोप लगने लगे। जहानाबाद इंस्पेक्टर कमल सिंह ने जांच में संलिप्तता न पाए जाने पर अन्य लोगों को छोड़ने की बात कहकर साख बचाई। इधर, बाइकों को कब्जे में लेने के बाद लावारिस में दाखिल करने की बात कह दी गई थी। एसपी मनोज कुमार सोनकर से जब इस मामले में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी सीओ सदर से कराई जा रही है। सीओ सदर को जल्द इसको स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। इसको गंभीरता से लिया जा रहा है।