पीलीभीत। सिमरा ताल्लुके महाराज निवासी मोहम्मद हनीफ पर बाघ ने नहीं, बल्कि तेंदुए ने हमला किया था। वन विभाग के अफसरों ने यह दावा जांच पड़ताल के बाद किया है। उनका कहना है कि हमला बराही रेंज के अंतर्गत सिमरा गांव की सीमा में नहीं, बल्कि जंगल में एक किलोमीटर अंदर हुआ था। जांच में जंगल में करीब एक किमी अंदर घटना के संबंधित साक्ष्य मिलने का दावा किया जा रहा है।
माधोटांडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिमरा ताल्लुके महाराजपुर गांव निवासी 40 वर्षीय मोहम्मद हनीफ जंगल की सीमा से सटे खेत से शनिवार शाम करीब पांच बजे मवेशियों के लिए घास काट रहा था। बकौल हनीफ, इसी दौरान उस पर झाड़ियों निकले बाघ ने हमला कर दिया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर मचाने पर बाघ जंगल की ओर भाग गया। इधर, बराही रेंजर के नेतृत्व में टीम ने जांच की तो घटना जंगल में करीब एक किमी अंदर की पाई गई। हमला भी बाघ का नहीं तेंदुए का निकला। रेंजर के मुताबिक, मौके पर घटना से संबंधित साक्ष्य भी मिले हैं। इसकी रिपोर्ट विभागीय अफसरों को भेजी जा रही है।
तो जंगल के अंदर कैसे चला गया हनीफ
हनीफ पर हुए हमले की घटना को भले ही विभागीय अफसर जंगल के एक किमी अंदर की बता रहे हो, लेकिन इससे जंगल की सुरक्षा में चूक साफ उजागर हुई है। जहां एक ओर अफसर वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जंगल में अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने के दावे कर रहे हैं, इसके बावजूद घुसपैठ जारी है। सवाल यह है कि हनीफ एक किमी जंगल के अंदर कैसे पहुंच गया? गश्त की जिम्मेदारी संभाल रहे वनकर्मियों को इसकी भनक क्यों नहीं लग सकी?
जांच के दौरान घटना जंगल के करीब एक किमी अंदर की निकली है। ग्रामीण सीक घास काटने के लिए जंगल के अंदर गया था और तेंदुए ने उस पर हमला किया है। मौके पर घायल की चप्पलें व काटी गई सीक भी बरामद हुई है। - वजीर हसन, रेंजर, बराही रेंज