पूरनपुर। गांव टांडा छत्रपति की शिक्षिका और प्रबंध समिति के अध्यक्ष का विवाद नहीं थम रहा है। दोनों ओर से एक दूसरे पर आरोप लगाकर शिकायतें की जा रही हैं। अब शिक्षिका ने डीएम को भेजे शिकायती पत्र में प्रबंध समिति अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इससे पहले स्कूल में तैनात शिक्षिका डॉली शर्मा ने अगस्त महीने में प्रबंध समिति अध्यक्ष पर स्कूल में घुसकर अभद्रता करने, सरकारी अभिलेख फाड़ने, पूर्व इंचार्ज प्रधानाध्यापक साजिद हसनी की बहाली न होने तक स्कूल न खोलने, राजनीतिक संरक्षण का हवाला देकर नौकरी न करने देने आदि के आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत की थी। शुक्रवार को शिक्षिका के खिलाफ कुछ लोगों ने अफसरों को पत्र भेजकर अपशब्द कहकर छात्रों को स्कूल से भगाने का आरोप लगाया। शिक्षिका ने शनिवार को डीएम को पत्र भेजकर स्कूल प्रबंध समिति अध्यक्ष पर आरोप लगाए। पत्र में ग्रामीणों के भी हस्ताक्षर हैं।
आरोप लगाया कि उनकी झूठी शिकायत कराने में निलंबित इंचार्ज शिक्षक की भूमिका रहती है। खंड शिक्षा अधिकारी विजय वीरेंद्र सिंह ने बताया कि शिक्षिका और स्कूल प्रबंध समिति अध्यक्ष में विवाद को लेकर डीएम ने तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में एसडीएम कलीनगर, जिला विद्यालय निरीक्षक और खंड विकास अधिकारी शामिल है। उन्होंने बताया कि बच्चों से अभद्रता कर स्कूल से भगाने के आरोप पर बीएसए ने शिक्षिका का स्पष्टीकरण तलब किया है। स्पष्टीकरण मिलने और गठित टीम की जांच रिपोर्ट आने पर बीएसए को भेजी जाएगी।
निलंबित प्रधानाध्यापक को कोर्ट से नहीं मिली राहत
अप्रैल महीने में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के गांव पहुंचने पर प्रधानाध्यापक साजिद हसनी पर स्कूल में मोबाइल पर व्यस्त रहने, एमडीएम में गडबड़ी करने, स्कूल में पंजीकृत बच्चों को दूसरे स्कूल में पढ़ने को प्रेरित करने आदि के आरोप लगे थे। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच में आरोप सही मिलने पर प्रधानाध्यापक को 26 जून को निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के खिलाफ प्रधानाध्यापक ने कोर्ट की शरण ली। उन्हें कोर्ट से राहत नहीं मिली है।