एग्रो राइस मिल में जांच करती टीम। स्रोत ः टीम
पीलीभीत। बरेली से आई एसआईबी टीम ने मंगलवार को अमरिया की उजैफ एग्रो राइस मिल में कर चोरी का मामला पकड़ा। बिक्री से कम टैक्स जमा मिलने पर 50 लाख रुपये वसूले। अन्य प्रपत्रों की जांच की जा रही है। जुर्माना राइस ब्रान के उत्पादन पर लगाया गया है।
जोनल एडिशनल कमिश्नर आशीष निरंजन की अगुवाई में बरेली एसआईबी की टीम मंगलवार को अमरिया स्थित उजैफ एग्रो राइस मिल पहुंची। प्रपत्रों की जांच में में मिला कि फर्म की ओर से राइस मिल चलाई जाती है। इसमें मानक से कम राइस ब्रान का उत्पादन दर्शाकर नियमित रूप से कर अदा नहीं किया जा रहा था। व्यापारी की ओर से कुल 85 करोड़ की चावल एवं मुर्गी दाने की बिक्री दिखाई और सिर्फ 83 लाख के राइस ब्रान की बिक्री घोषित की गई। राइस निर्माण के क्रम में मानक के अनुसार न्यूनतम छह प्रतिशत राइस ब्रान का उत्पादन होता है। व्यापारी की ओर से राइस ब्रान की बिक्री पर देय कर को भी नकद में जमा न करके नियम 42 -43 के विरुद्ध अनियमित रूप से आईटीसी से समायोजित किया जा रहा है।
जोनल एडिशनल कमिश्नर आशीष निरंजन ने बताया कि जांच के बाद व्यापारी ने अपनी भूल स्वीकार की। डीआरसी -3 के माध्यम से 50 लाख रुपये जांच के समय जमा कराए गए। शेष देय कर का आकलन अभिग्रहीत प्रपत्रों और जांच में पाए गए तथ्यों के आधार पर किया जा रहा है।