नवनिर्मित मझोला दूनीडेम मार्ग बनने के एक सप्ताह के बाद मार्ग पर पड़ने लगी दरारें।
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मझोला। एफडीआर तकनीक के तहत बनाए जा रहे मझोला–ड्यूनी डैम मार्ग की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। समतलीकरण के करीब दो माह बाद शुरू हुए डामरीकरण कार्य के महज एक सप्ताह के भीतर ही सड़क पर जगह-जगह दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। इससे पहले भी समतलीकरण के दौरान ग्रामीणों ने निर्माण कार्य का विरोध किया था। ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों को चेताया था कि रात के समय जल्दबाजी में कार्य कर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हो सका। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि क्षतिग्रस्त हिस्से को शीघ्र ही मानकों के अनुरूप दोबारा नहीं बनाया गया, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। संवाद