पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। वहीं संक्रमितों की मौत का तीसरा मामला जनपद में सामने आया है। बरेली के अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग की मौत के बाद आई पॉजिटिव रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की भी चिंता बढ़ा दी है। इससे एक माह पहले दो लोगों की मौत हुई थी।
तराई के जिले में कोरोना संक्रमण का असर कम नहीं रहा। अभी तक चार हजार से अधिक मरीज सामने आ चुके है। मौत का आंकड़ा भी कम नहीं है। बरेली में मरने वाले बुजुर्ग 78वें संक्रमित हैं, जिन्होंने जान गंवाई। हर बार की तरह स्वास्थ्य विभाग के अफसर बुजुर्ग की मौत को बीमारी से ही जोड़कर देख रहे है। लॉकडाउन के दिनों में संक्रमित कम ही थे। अनलॉक होने के बाद अचानक संक्रमण का ग्राफ उस समय तेजी से बढ़ा जब अफसर यह मान रहे थे कि जिला कोरोना मुक्त हो जाएगा। अनलॉक में सड़कों पर भीड़ उमड़ी तो संक्रमित भी बड़े और मरने वालों की संख्या में भी इजाफा होने लगा। अगस्त, सितंबर में सर्वाधिक मरीज निकले।
अगस्त में 34328 लोगों का सैंपल लिया गया था। इसमें 1308 मरीज कोरोना पॉजिटिव निकले थे। सितंबर में भी इसी तरह मरीज बढ़ते गए, जबकि इससे पहले मई में 43, जून में 93 और जुलाई में 632 मरीज सामने आए थे। अक्तूबर के अंत में संक्रमण का ग्राफ काम होने लगा। इससे राहत महसूस की जाने लगी। नवरात्र से शुरू हुए तो त्योहारी सीजन से चिंताएं बढ़ गई थीं। इसी के बाद तेजी से कोरोना की दूसरी लहर शुरू है। दिल्ली से हुई शुरुआत के बात जनपद में अफसर अलर्ट हुए। नतीजतन यहां भी संक्रमित बढ़ने लगे। दिवाली के पहले प्रतिदिन दो या तीन मरीज निकलते थे। मगर बाद में यह संख्या 16 तक पहुंचने लगी। त्योहारी सीजन और सहालग की भीड़ के बाद अब तक 250 से अधिक मरीज आ चुके है। मौत भी अब तीन हो चुकी है। 28 नवंबर को एक साथ दो मौत हुई। यह भी बरेली में इलाज के दौरान ही मरे थे। फिर अब एक माह बाद बुजुर्ग की मौत सामने आ गई। फिलहाल अब स्वास्थ्य विभाग रोकथाम के लिए कोविड नियमों का पालन और संक्रमित के संपर्क में आने वालों की सैंपलिंग पर जोर दे रहा है।
सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल का कहना है कि लगातार निगरानी करने के साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वैक्सीन को लेकर भी तैयारी चल रही है। लोग भी एहतियात बरतें।