बिलसंडा/पीलीभीत। संक्रमित युवक के साथ इंदौर से आकर बिलसंडा के तनाया पहुंचे युवक के गांव को कटेंन्मेंट जोन में बदल दिया गया है। तनाया के साथ-साथ पूरे एक किलोमीटर क्षेत्र को इस दायरे में लिया गया है और वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगाकर सभी लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक संक्रमित युवक समेत दस लोग इंदौर से चले थे। वहां ये लोग अलग-अलग काम करते थे, संक्रमित पाया गया युवक वेल्डिंग का काम करता था। ये सभी लोग लॉकडाउन के चलते एक टैंकर पर सवार होकर बरेली तक पहुंचे। उसके बाद सभी दस लोग बरेली से पैदल ही पीलीभीत की ओर चल दिए। पहले शाही से एक साथी अलग होकर चला गया, वहां कहां का रहने वाला है, यह पता नहीं चल सका है। दूसरा साथी ललौरीखेड़ा से अलग होकर बिलसंडा के तनाया गांव पहुंच गया था। उसने 22 अप्रैल को बिलसंडा सीएचसी पहुंचकर जांच कराई थी। इसमें ठीक पाया गया, मगर होम क्वारंटीन कर दिया गया था। बाकी आठ लोग अमरिया क्षेत्र के टोडरपुर गांव पहुंचेे थे, मगर वहां के लोगों के समझाने पर वे लोग सुंदरपुर के सरकारी जाकर स्कूल वहीं ठहर गए थे। रात बीतने के बाद 22 अप्रैल को ही स्क्रीनिंग करके सभी आठ को अमरिया में बने शेल्टर होम में ठहरा दिया गया था।
इस शेल्टर होम में रह रहे इन युवकों में से एक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता दिखाते हुए गांव तनाया पहुंचकर साथी युवक समेत परिवार के आठ लोगों की स्क्रीनिंग की। फिर सभी को एंबुलेंस के जरिये जिला मुख्यालय लाकर सैंपल लेने के बाद अग्रवाल सभा भवन स्थित क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया। युवक को परिवार समेत एंबुलेंस से लाने के बाद गांव में सनसनी फैली रही।
कोरोना संक्रमित युवक का यात्रा इतिहास खंगालने पर पता चला कि उसके साथ बिलसंडा का भी एक युवक आया था जो बिलसंडा के गांव तनाया चला गया था। पहले से होम क्वारंटीन इस साथी युवक और उसके आठ परिजनों को एंबुलेंस से लाकर सैंपल लेने के बाद क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ