कलेक्ट्रेट परिसर में बिजली कर्मचारी की मौत के बाद भी नहीं बदली कार्यशैली, जर्जर लाइनें और खुले तार बने खतरा, लोगों में आक्रोश
पीलीभीत। जिले में बिजली निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपे गए कई संविदा कर्मियों द्वारा स्वयं कार्य करने के बजाय निजी कर्मचारियों से काम कराए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। ऐसे में तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी होने से लगातार हादसे हो रहे हैं। विभागीय लापरवाही के चलते आम लोगों के साथ-साथ बिजली कर्मियों की जान भी जोखिम में पड़ रही है।
बिजली निगम ने संविदा कर्मचारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी इस उद्देश्य से दी थी कि बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित और सुरक्षित तरीके से निस्तारण हो सके, लेकिन आरोप है कि कई संविदा कर्मचारी अपने स्थान पर निजी व्यक्तियों से बिजली लाइन और फॉल्ट से जुड़े कार्य करा रहे हैं। इससे न केवल कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही है।
हाल ही में कलेक्ट्रेट परिसर में बिजली लाइन की चपेट में आने से एक बिजली कर्मचारी की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उस समय विभाग ने जांच और सुधार का भरोसा दिया था, लेकिन घटना के बाद भी कार्यशैली में कोई ठोस बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा बने हुए इंतजाम
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अनेक स्थानों पर जर्जर बिजली लाइनें, नीचे लटकते तार, खुले ट्रांसफार्मर और असुरक्षित विद्युत उपकरण लोगों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। बरसात के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है। हल्की बारिश या तेज हवा के दौरान तार टूटने, करंट फैलने और बड़े हादसे होने की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद समय रहते मरम्मत और सुरक्षा उपायों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
लगातार हो रहे हादसों से लोगों में ऊर्जा निगम के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संविदा कर्मियों के स्थान पर निजी कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है, तो इसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों ने जर्जर बिजली लाइनों को तत्काल बदलने, खुले तारों को दुरुस्त कराने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। बिजली लाइन पर कार्य करते समय सुरक्षा के लिए स्पष्ट नियम और मानक बनाए गए हैं। यदि इनका पालन नहीं किया जाता तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाती है। संवाद
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पहले भी हो चुके हैं हादसे
केस एक - शहर के मोहल्ला नखासा के रहने वाले विजय राठौर शहर के नकटादाना बिजली उपकेंद्र पर संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। बीते दो जून को वह कलेक्ट्रेट स्थित खंभे पर तकनीकी खराबी ठीक करने के लिए पहुंचे। इस दौरान करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। इस पर जमकर हंगामा भी हुआ। इस मामले को भी विभाग ने रफा-दफा कर दिया है।
केस दो -शहर के फीलखाना मोहल्ला फारुख के रहने वाले सज्जन खां बीते आठ जून को जहानाबाद क्षेत्र में बस लेकर गए थे। बस में उनका पुत्र फारुख भी सवार था। इस दौरान हाइटेंशन लाइन का तार टूटकर बस पर गिर गया। इससे उसकी चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत हो गई।
केस तीन - कोतवाली क्षेत्र के गांव बकसपुर निवासी हरीश कुमार संविदा लाइनमैन के रूप दहगला फीडर पर तैनात थे। मई माह में ड्यूटी के दौरान भिखारीपुर गांव में फॉल्ट सही करते समय बिजली लाइन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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जिले में 80 संविदा लाइनमैन कर रहे काम
बिजली निगम की मानें तो जिले में 80 संविदा लाइनमैन काम कर रहे हैं, लेकिन यह लाइनमैन अपने अंडर में निजी लाइनमैन रखते हैं। थोड़े पैसों के लालच में आकर ग्रामीण इनके साथ जुड़कर निगम का काम करते हैं। काम करते समय किसी प्रकार की सेफ्टी का भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यही कारण है कि आए दिन ऐसे हादसे सामने आ रहे हैं, लेकिन विभाग इसके बाद भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं कर रहा है। वहीं, करीब 35 लाइनमैन विभाग के हैं।
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खेती के साथ ही बिजली का भी काम करते थे भीमसेन, ग्रामीणों में गुस्सा
मृतक भीमसेन के तीन बच्चे हैं। इसमें बड़ी बेटी शशि देवी, छोटी बेटी नन्ही देवी और पुत्र मोतीराम हैं। परिवार का भरण पोषण करने के लिए वह खेती के साथ ही बिजली मरम्मत कार्य करता था। भीमसेन की मौत के बाद पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। हादसे की सूचना के बाद मृतक की पत्नी रामकली भी बदहवास है।
मृतक के छोटे भाई हरिशंकर ने बताया कि उसका भाई बिजली काम करने के साथ ही खेती का काम करते थे। वह लाइनमैन के कहने पर वहां गए। बिना शटडाउन लिए उन्हें जान से मारने के हिसाब से चढ़ा दिया गया। इससे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने जेई पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इससे संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद भी ग्रामीण भी गुस्से में है, जो खरी-खोटी सुना रहे हैं।
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तीन दिन चलता रहा लापरवाही का खेल, अफसरों ने झांका तक नहीं
मुआवजे को लेकर अड़े परिजन, अफसरों से लगाई गुहार
पीलीभीत। प्राइवेट कर्मचारी भीमसेन की खंभे पर चिपककर मौत के मामले में सामने आया है कि यह घटना तीन तक चली लापरवाही का नतीजा थी। इन तीन दिनों में अफसरों ने गांव में झांका तक नहीं, सिर्फ कर्मचारी ही अपने तरीके से प्रयास करते रहे। इसी लापरवाही से कर्मचारियों पर तो परिवार वालों का गुस्सा है ही, अधिकारियों को भी बख्शने के मूड में नहीं है।
रूपपुर कमालू गांव में सोमवार को बिजली की दिक्कत हुई थी। भीमसेन के भाई हरीशंकर ने बताया कि ग्रामीणों ने पौटा कलां के रहने वाले संविदा लाइनमैन बदरुल हसन उर्फ पप्पू को फोन कर इस बारे में बताया था। इस पर बदरूल सोमवार रात भीमसेन को साथ लेकर रूपपुर कमालू पहुंचा। काफी प्रयास के बावजूद फॉल्ट नहीं मिला। मंगलवार को वे दोनों फिर साथ पहुंचे, गड़बड़ी पकड़ में नहीं आने पर जैसे-तैसे तार जोड़कर गांव की लाइन चालू कर दी। हालांकि वोल्टेज लो ही रहा। सुधार न हो पाने पर ग्रामीणों ने विरोध किया तो बुधवार को बदरूल और भीमसेन एक बार फिर वहां पहुंचे। इस बार भी फॉल्ट न मिलने पर उन्होंने लाइनमैन मंगलसेन को बुलाया। मंगलसेन ने बिना शटडाउन कराए भीमसेन को खंभा पर चढ़ा दिया।
परिजनों का कहना है कि जेई ने मामले की जानकारी के बावजूद ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि यदि जेई मौके पर खुद जाकर फॉल्ट ढुंढवाते तो वह लाइन भी बंद कराते। लाइनमैन ने भी जेई को बुलाने का प्रयास नहीं किया। इन्हीं लापरवाहियों के चलते भीमसेन की जान चली गई। अब परिजनों ने मुआवजे को लेकर अफसर से गुहार लगाई है। वे मुआवजा मिले बिना अंतिम संस्कार न करने की भी बात कह रहे हैं। संवाद
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सूचना पर थाना पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा है। परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है, जो भी तहरीर मिलेगी। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अजय यादव, सीओ सिटी।
जो भी संविदा कर्मचारी निजी लोगों को साथ रखकर काम करवाते मिलेंगे। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो घटना हुई है। उसकी जांच कराई जा रही है। इसमें जो भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई होगी।
- मनोज कुमार, अधीक्षण अभियंता बिजली
जिला अस्पताल में भर्ती टीजीटू मंगलसेन। वीडियो ग्रैफ।