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Pilibhit News: सीएमओ कार्यालय के बर्खास्त कर्मचारी पर एक और रिपोर्ट

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पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़े के मामले में सीएमओ कार्यालय के बर्खास्त कर्मचारी अरुण कुमार मौर्या की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पूर्व सीएमओ और डिप्टी सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर कर विभागीय आदेश और अभिलेख तैयार करने का आरोप लगाकर सहायक शोध अधिकारी ने कर्मचारी अरुण मौर्या और उसके पिता रमाकांत मौर्या के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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सीएमओ कार्यालय में तैनात सहायक शोध अधिकारी पीयूष कुमार सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 22 जून को प्राप्त एक शिकायत में शिकायतकर्ता भारती गंगवार ने मौर्या मेडिकल एजेंसी, छतरी चौराहा की ओर से जारी दो विभागीय बिल प्रस्तुत किए थे। इन दस्तावेजों की विभागीय स्तर पर जांच कराई गई।
जांच में बिलों पर अंकित तत्कालीन सीएमओ डॉ. आलोक कुमार व डिप्टी सीएमओ डॉ. ज्ञान प्रकाश के हस्ताक्षर और विभागीय मुहर फर्जी पाए गए। आरोप है कि इन्हीं के आधार पर कूटरचित विभागीय आदेश तैयार किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ कार्यालय की ओर से नामित सहायक शोध अधिकारी पीयूष कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर कार्रवाई की मांग की। दस्तावेजों के परीक्षण के बाद एसपी के निर्देश पर कोतवाली में अरुण कुमार मौर्या और उसके पिता रमाकांत मौर्या के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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सीओ सिटी अजय यादव ने बताया कि मामले में विवेचना के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इधर, आरोपी अरुण मौर्या और उसके परिवार पर सुनगढ़ी और थाना कोतवाली में धोखाधड़ी समेत अन्य मामले पहले से दर्ज हैं। संवाद
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