बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुए किसानों की दुश्वारियों कम होने का नाम
नहीं ले रही हैं। पहले बारिश से नुकसान, फिर उत्पादन में गिरावट और अब
क्वालिटी की समस्या सामने आ गई है। क्वालिटी खराब होने से सरकारी क्रय
केंद्रों से गेहूं रिजेक्ट हो रहा है, वहीं मंडी में भी अच्छे दाम नहीं मिल
पा रहे।
गेहूं की तैयार खड़ी फसल पहले हुई ओलावृष्टि और उसके बाद तेज
हवाओं के साथ पड़ी बारिश से खेत में बिछ गई थी। इससे जहां फसल के दाना छोटा
हो गया वहीं उसकी रंगत भी बदल गई। कई दिनों में पानी में डूबे रहने के
कारण कई खेतों में गेहूं के दाने काले भी पड़ गए। गिरी फसल के कारण सबसे
ज्यादा समस्या उसकी कटाई में आ रही है।
कंबाइन से कटाई करने को कटर को जमीन
से सटाकर चलाना पड़ रहा है जिससे गेहूं के साथ मिट्टी भी आ रही है। दाने
खराब होने और मिट्टी आदि मिली होने के कारण सरकारी केंद्रों पर इसे रिजेक्ट
किया जा रहा है जिससे मजबूरी में किसानों को मंडी में कम कीमत पर गेहूं
बेचना पड़ रहा है।
उत्पादन भी हुआ प्रभावित
बारिश से
भीगी फसल सूखने के बाद उत्पादन काफी कम हो गया है। जिले में गेहूं का औसत
उत्पादन 20 से 25 क्विंटल प्रति एकड़ तक रहता है, लेकिन इस बार यह घटकर
मात्र 8 से 12 क्विंटल तक ही रह गया है।
खर्चा निकालना भी मुश्किल
इस
बार गेहूं की पैदावार काफी कम हो गई है। आठ क्विंटल का औसत आ रहा है। इसका
भाव भी 1300 से अधिक नहीं मिल रहा, जबकि लागत 15 हजार रुपये प्रति एकड़ से
अधिक आई है।
चरनजीत सिंह, पचपेड़ा
कुदरत के आगे मजबूर है किसान
खेती
का दारोमदार मौसम पर है, कुदरत के आगे किसी की नहीं चलती। जब रब ही
किसानों से रूठा है तो औरों से मदद की क्या उम्मीद करें। किसान हर तरफ से
मजबूर है।
बलविंदर सिंह, बीसलपुर
कैसे होगी खेती समझ नहीं आ रहा
खेती
का काम अब काफी खराब हो गया है। खासकर गेहूं धान की फसल करना। पूरे साल
मेहनत के बाद भी क्या मिलेगा इसका कोई भरोसा नहीं। इस हाल में खेती कैसे
होगी, समझ में नहीं आ रहा।
जफर, डांग
सेटरों पर नहीं ले रहे गेहूं
गेहूं
का दाना काफी छोटा और कट गया है, साथ ही मिट्टी की भी शिकायत है। ऐसे में
सरकारी क्रय केंद्रों पर इसे फेल किया जा रहा है। अब मंडी में व्यापारियों
के हाथ तो बेचना की पड़ेगा।
उमेश, पचपेड़ा
मंडी में चढ़ा गेहूं का भाव
जिले
में गेहूं का उत्पादन घटने से जहां किसान परेशान हैं, वहीं व्यापारी भी
चिंतित हैं। कम गेहूं होने की संभावनाओं के चलते व्यापारी खरीद में तेजी
दिखा रहे हैं। इसका असर मंडी में दिख रहा है। शनिवार को मंडी में जहां
गेहूं की आवक आठ हजार क्विंटल दर्ज की गई, वहीं भाव में 1300 से ऊपर रहे।
अच्छा चमकदार गेहूं 1510 रुपये तक बिका, हालांकि कुछ व्यापारी इसे बीज का
गेहूं बता रहे हैं। इसके बाद भी आम खरीद 1400 रुपये तक हुई।