पीलीभीत के अलावा बदायूं, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर और बिजनौर समेत नौ जिलों से पुलिस बल बुलाया गया है। कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आसपास के संपर्क मार्गों को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटकर सुरक्षा का खाका तैयार किया गया है। प्रत्येक प्वाइंट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री के काफिले के आवागमन के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्रेन और दमकल की गाड़ियों को भी मुस्तैद रखा जाएगा।
तैयारियों को दिया गया अंतिम रूप
मंडलायुक्त और डीआईजी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के आगमन और कार्यक्रम के दौरान किसी भी स्तर पर अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। हेलीपैड से मंदिर और कथा स्थल तक साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, सुरक्षा, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम को लेकर सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
एनएसजी कमांडो ने किया कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण
मुख्यमंत्री की सुरक्षा में जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था के साथ एनएसजी का सुरक्षा घेरा भी रहेगा। एनएसजी कमांडो और सुरक्षा टीम सोमवार को ही पीलीभीत पहुंच गई। टीम ने नूरानपुर स्थित कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा संबंधी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।
एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग प्वाइंट निर्धारित कर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।