पीलीभीत। गर्मी के साथ ही जिले में आग की घटनाएं भी बढ़ गईं हैं। आमजन को आग से बचाव की सीख देने वाले जिम्मेदार जिले के सरकारी कार्यालयों में नियमों की अनदेखी पर मौन हैं। तीन मंजिला विकास भवन में भी आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। जिम्मेदार व्यवस्थाएं दुरुस्त करने पर भी ध्यान नहीं दे रहे। यही हाल जिले की अन्य तहसील कार्यालयों का भी है।
कलक्ट्रेट परिसर में बनी तीन मंजिला इमारत में चल रहे विकास भवन में 24 से अधिक विभागों का संचालन हो रहा है। अधिकांश कार्यालय तीन कमरों में संचालित हैं। हर विभाग के मुख्य अधिकारी कक्ष के साथ ही अन्य सैकड़ों कर्मचारी भवन में कार्यरत हैं। रोजाना काम के लिए हजारों की संख्या में लोगों की आवाजाही भी रहती है। इसके बाद भी यहां अग्निशमन यंत्रों को लेकर कोई प्रबंध नहीं किया गया है।
तीनों तलों की सुरक्षा के लिहाज से एक फायर सिलिंडर तक नहीं लगाया गया है। ऐसे में हादसे के समय स्थिति भयाभय हो सकती है। इसके बाद भी जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं हैं।
जगह-जगह तारों का मकड़जाल, शार्ट सर्किट होने का भी खतरा
विकास भवन में तीनों तलों पर खुली वायरिंग का मकड़जाल भी हादसे का कारण बन सकता है। खुली हुई वायरिंग के लिए भी किसी तरह का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। इससे शार्ट सर्किट होने पर बड़ी घटना हो सकती है। जिम्मेदारों ने इसे भी व्यवस्थित नहीं कराया है।
संचालित बैंक में प्रशिक्षण के लिए पहुंच रहीं महिलाएं व युवती
विकास भवन के ही निचले तल पर बैंक का भी संचालन हो रहा है। इसमें सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का प्रशिक्षण कार्य होता है। यहां रोजाना करीब 50 से अधिक महिलाएं व युवती प्रशिक्षण लेने पहुंचती हैं। यहां पर आग से सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है।
पूर्व में शार्ट सर्किट से हो चुकी है घटना
विकास भवन में कुछ वर्ष पूर्व डीपीआरओ कार्यालय के अधीन संचालित स्वच्छ भारत मिशन कक्ष में शार्ट सर्किट की वजह से आग लग गई थी। हादसे में कंप्यूटर सहित कई सरकारी दस्तावेज भी जल गए थे, इसके बाद भी अधिकारी अभी नहीं चेते हैं।
तहसील के अभिलेखागार में लगे दो फायर सिलिंडर
बीसलपुर। तहसील कार्यालय के अभिलेखागार में मानक के अनुरूप आग बुझाने वाले दो सिलिंडर लगे हुए हैं। वह सिलिंडर पूरी तरह से चालू हालत में हैं। नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि वह सिलिंडर हर माह चेक किए जाते हैं और चेकिंग रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाती है। नायब तहसीलदार तहसील परिसर के अन्य हिस्सों में लगे सिलिंडर की संख्या नहीं बता सके। संवाद
तहसील भवन में एक भी फायर सिलिंडर नहीं
अमरिया। तहसील मुख्यालय पर आग से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। तहसील परिसर एवं कार्यालयों में आग बुझाने वाला एक भी सिलिंडर नहीं लगा है। एसडीएम मयंक गोस्वामी ने बताया कि आग बुझाने की तहसील में अभी कोई सुविधा नहीं है। नए तहसील भवन का निर्माण शुरू होने वाला है। तहसील भवन बनने के बाद सारी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। संवाद
पूरनपुर तहसील में आग से बचाव का कोई इंतजाम नहीं
पूरनपुर। तहसील में आग की घटना से बचने के कोई इंतजाम नहीं हैं। भवन में फायर हाइड्रेंट लगाए गए थे, लेकिन उनमें लगे पाइप गायब हैं। इसके अलावा परिसर में आग बुझाने के लिए सिलिंडर भी लगाया गया था, जो अब नहीं है। तहसीलदार हबीबउर रहमान ने बताया कि फायर सिलिंडर आदि को लेकर अग्निशमन अधिकारी को पत्र भेजकर एस्टीमेट मांगा गया था। मगर पत्र का जवाब नहीं आया। फायर हाइड्रेंट का पाइप चोरी हो गया है। संवाद
विकास भवन की बिल्डिंग पुरानी है। इसी वजह से वाटर हाइड्रेंट की व्यवस्था नहीं की गई है। फायर सिलिंडर के लिए बीते वित्तीय वर्ष में प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे स्वीकृति नहीं मिल सकी। अब दोबारा प्रस्ताव भेजा जा रहा है। – संजय सिंह, जिला विकास अधिकारी
विकास भवन में स्थित बैंक के बाहर फैला तारों का मकड़जाल। संवाद
विकास भवन में स्थित बैंक के बाहर फैला तारों का मकड़जाल। संवाद