पीलीभीत। बादल फटने से पवित्र अमरनाथ गुफा के पास बाढ़ आने से काफी लोग फंस गए हैं। बीसलपुर के 12 लोग बाबा के दर्शन के लिए गए थे। शुक्रवार शाम को दर्शन करने से पहले ही बाढ़ आ गई। बाढ़ में वह लोग भी फंस गए लेकिन सभी सुरक्षित हैं। बचाव दल ने सभी को पंचकर्णी पहुंचा दिया है।
भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी के बीच शुक्रवार को अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से बाढ़ आ गई। तेज बहाव में कई टेंट बह गए हैं। वहीं बड़ी संख्या में लोग वहां फंस गए है। बचाव टीमें लगातार रेस्क्यू में लगी हैं। बीसलपुर क्षेत्र का जत्था तीन जुलाई को रवाना हुआ था। जत्थे में शामिल श्रद्धालु मुन्नालाल और प्रेमपाल शर्मा ने संपर्क किया गया तो उन लोगों ने बताया कि शुक्रवार को साढ़े पांच बजे बाढ़ आई थी पर वे लोग उससे पहले ही वहां से निकल आए थे। छह जुलाई को बीसलपुर का दूसरा जत्था गया था। इसमें 12 लोग शामिल थे। बीसलपुर निवासी अधिवक्ता हेमंत मिश्रा ने बताया कि उनकी शाम 7:35 बजे जत्थे में शामिल राज कमल से वार्ता हुई थी। राजकमल ने बताया कि वह लोग गुफा तक पहुंच गए थे मगर दर्शन नहीं कराए गए। इसी दौरान बाढ़ आ गई। बचाव दल उनको रेस्क्यू कर पंचकर्णी ले जा रहा है। पवित्र गुफा के पास पानी का काफी तेज बहाव है। इससे वहां मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित निकला जा रहा है।
परिवार में चिंता, बात हुई तो आया चैन
बीसलपुर। अमरनाथ में बाढ़ की खबर मिलते ही उन परिवारों में चिंता का माहौल बन गया, जिन परिवारों के लोग यात्रा पर गए हुए हैं। घर के सदस्यों से फोन पर संपर्क साधना शुरू कर दिया। काफी देर बाद फोन पर संपर्क हो पाया। उनके सकुशल होने की जानकारी मिली, तब कहीं जाकर घर वालों ने राहत की सांस ली। नगर का एक जत्था मोहल्ला दुर्गा प्रसाद निवासी राजन रस्तोगी और दूसरा जत्था रेलवे कॉलोनी निवासी प्रेमपाल शर्मा के निर्देशन में गया था। संवाद
शेषनाग में सुरक्षित है 110 लोगों का जत्था
पीलीभीत। शहर के 110 लोगों का जत्था शेषनाग में सुरक्षित है। जत्थे के साथ मौजूद सभासद जगन्नाथ लोधी ने बताया कि वह लोग पहलगांव से गुरुवार को शेषनाग पहुंचे हैं। उन्हें अभी बाबा अमरनाथ के दर्शन करने हैं लेकिन दर्शन से पहले ही बादल फटने और बाढ़ आने की सूचना मिल गई। इसलिए वह लोग शेषनाग में ही रुक गए हैं। अब स्थिति सामान्य होने पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं।