बीसलपुर। गन्ना माफिया तहसील कार्यालय से अपना 15 लाख रुपया गन्ना मूल्य भुगतान निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अलबत्ता सहकारी गन्ना समिति सचिव पर लगातार दबाव बना रहें हैं।
डीसीओ जितेंद्र मिश्रा के निर्देश पर गन्ना विभाग के तत्कालीन स्थानीय अधिकारियों ने करीब दो वर्ष पूर्व सहकारी गन्ना समिति क्षेत्र के विभिन्न गांवों के 25 गन्ना माफियाओं का गन्ना मूल्य भुगतान का लगभग 15 लाख रुपया उनके बैँक खातों से निकालकर तहसील कार्यालय में जमा कर दिया था। इस कार्रवाई का उन्होंने काफी विरोध किया था और तत्कालीन अधिकारियों से काफी नोकझोंक भी की थी। गन्ना विभाग के तत्कालीन अधिकारियों ने डीसीओ का आदेश बताकर पल्ला झाड़ लिया था। हालांकि तत्कालीन अधिकारियों ने गन्ना माफियाओं को एसडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर कर अपना भुगतान वापस लेने का सुझाव दिया था लेकिन चक्कर में फंस जाने के कारण इस सुझाव पर माफिया तैयार नहीं हुए थे। गन्ना माफियाओं द्वारा अपना रुपया वापस न ले पाने के कारण यह रुपया तहसील कार्यालय में अब भी पड़ा हुआ है। गन्ना माफिया अपना पैसा वापस लेने के लिए तहसील के अधिकारियों से तो मिल नहीं पा रहे हैं लेकिन सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव आरपी कुशवाहा पर दबाव बना रहे हैं, इसकी पुष्टि समिति सचिव ने की है। सचिव ने यह भी बताया कि गन्ना माफिया यदि अपनी जगह पर सही हैं, तो वे एसडीएम कोर्ट में इस बाबत मुकदमा दायर करें और अपना भुगतान प्राप्त करें। इस बाबत एसडीएम राकेश गुप्ता ने बताया कि वह स्वयं 15 लाख रुपये प्रकरण का निस्तारण करना चाहते हैं लेकिन कोई मुकदमा ही नहीं दायर कर रहा।