पूरनपुर। विकास कार्यों की समीक्षा को आए प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को संयुक्त किसान मोर्चा और भाकियू ने काले झंडे दिखाए। पुलिस को काले झंडे दिखाने वाले भाकियू नेताओं को रोकने को भारी मशक्कत करनी पड़ी। छीना झपटी में एक भाकियू नेता का कुर्ता फटने पर भाकियू नेताओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। आक्रोशित किसानों ने मंत्री का काफिला रोक कर उनका घेराव कर समस्याएं बताई। अन्नदाता किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने भी काले झंडे दिखाने का प्रयास किया। पुलिस ने उनको कोतवाली में नजरबंद कर दिया। मामले में आठ नामजद समेत 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जिले में अपने तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत तीसरे दिन बुधवार को प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य जिला मुख्यालय से नगर को रवाना हुए। असम हाईवे पर खमरिया तिराहा पर पहले से काले झंडे लेकर खड़े संयुक्त किसान मोर्चा और भाकियू नेताओं को रोकने के प्रयास में पुलिस की कई बार झड़प हुई। काले झंडों की छीना झपटी में भाकियू नेता स्वराज सिंह का कुर्ता फट गया। इस पर पुलिस से भाकियू नेताओं की नोकझोंक हुई। मंत्री के पहुंचने से कुछ समय पहले झंडे छीनने को लेकर पुलिस को भाकियू नेताओं के पीछे दौड़ना पड़ा। इस दौरान पहुंचे मंत्री का काफिला आक्रोशित किसान नेताओं ने रोककर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। कार से उतरे मंत्री का घेराव कर चार साल से गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न होने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने, गेहूं खरीद में किसानों का गेहूं खरीद केंद्रों पर बिक्री न होने, किसानों को 14 सौ रुपये में मजबूरन गेहूं बिक्री करने का आरोप लगाया। कहा कि गेहूं, धान की बिक्री में किसानों को भटकना पड़ता है। गन्ना बिक्री का भुगतान नहीं मिल रहा है। किसानों की फसल को एमएसपी पर बिक्री सुनिश्चित कराई जाए। प्रभारी मंत्री ने समस्याओं को लिखकर देने को कहा। ब्लॉक चौराहा पर प्रभारी मंत्री को काले झंडे दिखाने पहुंचे अन्नदाता किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनप्रीत सिंह और उनके साथियों को पुलिस ने कोतवाली में ले जाकर नजरबंद कर दिया। प्रभारी मंत्री को काले झंडे किसान न दिखा सके। इसको लेकर जगह-जगह पुलिस तैनात रही। प्रभारी मंत्री ने ब्लॉक सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा की और भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं की बैठक ली। 44 श्रमिकों के पुत्र, पुत्रियों को साइकिल बांटीं। विधायक बाबूराम पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी, लेखराज भारती, नितिन दीक्षित, सुषमा देवी, प्रफुल्ला मिश्रा, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि आशुतोष दीक्षित आदि थे।
आठ नामजद समेत 18 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या को काले झंडे दिखाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने भाकियू संगठन से जुड़े आठ नामजद और दस अज्ञात पर आचार संहिता उल्लंघन, कोरोना महामारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
बुधवार को प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य जिला मुख्यालय से पूरनपुर नगर में आए थे। तभी असम हाईवे पर खमरिया तिराहे पर पहले से काले झंडे लेकर खड़े कुछ किसान नेताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाते हुए रोकने का प्रयास किया। इस पर पुलिस ने उस दौरान झंडे छीन लिए और दौड़ाया। इस मामले में बुधवार देर शाम एसएसआई बालकराम की ओर से भाकियू नेता पिपरिया दुलई निवासी लालू मिश्रा, सुखजीत सिंह, सुरराज सिंह, घासीराम, बलजीत सिह, बच्चूलाल, कुलवंत सिंह, सत्यपाल समेत दस अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ लल्लन सिंह ने बताया कि फोटो वीडियो फुटेज के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। अन्य लोगों की भी शिनाख्त कराई जा रही है।
मंत्री जी बोले तुम्हें दिखाए होगे किसानों ने काले झंडे
कार्यक्रम के समापन पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि किसानों ने काले झंडे नहीं दिखाए। अगर किसान काले झंडे दिखाते तब मैं मौके पर क्यों रुकता। किसानों के रास्ता अवरूद्ध करने पर रुककर उनकी समस्या सुनी गई। समस्याओं को लिखकर देने को कहा गया। समीक्षा में अधूरे काम को पूरा करने के निर्देश दिए गए है। तालाबों पर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई करने, तालाबों का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश अफसरों को दिए गए। इस दौरान काले झंडे दिखाने की बात दोबारा पूछने पर मंत्री जी पत्रकारों से बोले तुम्हें दिखाए होगे काले झंडे। उनको किसी ने काले झंडे नहीं दिखाए है।