पीलीभीत। अमरिया क्षेत्र के गांव कटैय्या पंडरी में एथेनॉल के उत्पादन के लिए फैक्टरी का निर्माण होना है। बुधवार को कंपनी के प्रबंध निदेशक ने डीएम से मुलाकात करने के बाद आ रहीं कुछ समस्याओं के बारे में बताया। डीएम ने तत्काल सभी समस्याओं का निस्तारण करते हुए लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करा ली है। इससे अब अक्तूबर में फैक्टरी का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
जनपद की तहसील अमरिया के ग्राम कटैय्या पंडरी में एथेनॉल के उत्पादन के लिए कई साल से फैक्टरी निर्माण में कृषि भूमि होने की समस्या आ रही थी। बुधवार को कंपनी के प्रबंध निदेशक नवनीत अग्रवाल डीएम पुलकित खरे से मिलकर समस्या से अवगत कराया। प्रबंध निदेशक ने डीएम को बताया कि कृषि भूमि को कामर्शियल (143) कराने में दिक्कत आ रही है। इससे फैक्टरी का निर्माण भी शुरू नहीं हो पा रहा है। इस पर डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को बुलाकर तत्काल समस्या का निस्तारण कराया। प्रबंध निदेशक ने बताया कि फैक्टरी निर्माण के लिए समस्त लाइसेंस प्रक्रिया पूर्ण करा ली गई। समस्या का निस्तारण होने के बाद करीब छह करोड़ की लागत से फैक्टरी निर्माण का काम अक्टूबर में शुरू हो जाएगा। जो एक साल में पूरा होने के बाद अक्टूबर 2022 में फैक्टरी चालू हो जाएगी।
रोजाना तीन लाख लीटर तैयार होगा एथेनॉल
फैक्टरी चालू होने के बाद अनाज से एथेनॉल उत्पादन से संबंधित प्रदेश की सबसे बड़ी इकाई होगी। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि मां शीतला डिस्टलरी बेवरीज द्वारा प्राज टेक्नोलॉजी पर आधारित फैक्टरी का निर्माण कराया जाएगा। जिसमें अनाज से एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। पशुओं के लिए पशु आहार का भी उत्पादन किया होगा। रोजाना तीन लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। जिससे अंग्रेजी व देसी शराब का भी उत्पादन होगा।
एक हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
फैक्टरी का निर्माण होने के बाद इसमें करीब क्षेत्र के एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल सकेगा। फैक्टरी के निर्माण से प्रदेश सरकार को लगभग सौ करोड़ का टैक्स कई मदों से वार्षिक मिलेगा। इससे अनाज उत्पादकों और राइस मिलर्स को भी लाभ मिल सकेगा।