बीसलपुर। पंचायत चुनाव के बाद जिले की सीमा पर बसे गांव चुर्रासकतपुर में लोग विकास के मुद्दे पर चर्चा करने लगे हैं। नवनिर्वाचित प्रधान शबाना खानम बगैर किसी भेदभाव के गांव में विकास कार्य कराने का दावा कर रही हैं।
नगर से 12 किलोमीटर दूर स्थित गांव चुर्रासकतपुर बरेली रोड के दोनों और बसा हुआ है। यहां की आबादी 7500 है, जिनमें 2522 वोटर हैं। यहां साक्षरता 70 प्रतिशत है। गांव में प्राथमिक विद्यालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, पुलिस चौकी, सहकारी समिति, सहकारी संघ, गन्ना विकास का खाद गोदाम, टेलीफोन एक्सचेंज, बैंक, पशु सेवा केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल, नहर कोठी, उपडाकघर आदि हैं। यह गांव राजनीति की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। यहां के गंगा प्रकाश मिश्रा बीसलपुर के ब्लॉक प्रमुख, चीनी मिल के उपाध्यक्ष और जिला सहकारी बैंक के निदेशक रह चुके हैं। इसी गांव की शशि प्रभा भी ब्लॉक प्रमुख रह चुकी है। यहां के रामप्रकाश चीनी मिल के निदेशक और गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष रह चुके हैं। शैलजा मिश्रा ने पीपीएस की परीक्षा पास की है। यहां के गौरव कुमार ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में अच्छे पद पर नौकरी हासिल की है। इतना सब कुछ होने के बाद भी इन गांवों में समस्याओं का अंबार है।
ग्राम पंचायत चुर्रासकतपुर एक नजर में
मतदाता - 2522
आबादी - 7500
साक्षरता - 70 प्रतिशत
समस्याएं
- बारात घर, ओवर हैड टैंक, खेल का मैदान न होना
- गंदे पानी के निकास के लिए नाला न होना
- कक्षा आठ से ऊपर की शिक्षा का कोई बंदोबस्त नहीं
- वंचित पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं
प्राथमिकताएं
- बारात घर, खेल का मैदान, ओवरहैड टैंक बनवाना
- पात्र वंचित लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना
- निष्क्रिय पड़े सहकारी संघ को सक्रिय कराना
- पानी निकास के लिए नाला बनवाना।
सहकारी संघ क ई वर्षो से अघोषित रूप से बंद पड़ा है। जिससे किसानों को इस योजना से लाभ नहीं मिल पा रहा है। सहकारी संघ का संचालन विधिवत होना बहुत आवश्यक है। - अमनदीप सिंह
गांव की टूटी फूटी सड़कों, गलियां, नालियों की मरम्मत होना बहुत जरूरी है। आवश्यकतानुसार नई सड़कें, गलियां और नालियां भी बनना बहुत जरूरी है। - विवेक मिश्रा
गांव में बारात घर, खेल का मैदान, ओवर हैड टैंक बनना बहुत जरूरी है। इनके बन जाने से ग्रामीणों को काफी सुविधा हो जाएगी। - शाहिद
ग्रामीणों ने जिस विश्वास के साथ उन्हें प्रधान बनाया है, उस विश्वास को प्रत्येक स्थिति में बरकरार रखा जाएगा। सभी जरूरी कार्य कराए जाएंगे, मगर बारात घर प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाएगा। - शबाना खानम प्रधान