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सर्वे हुआ 1.12 लाख किसानों का, एक ने भी जमा नहीं किया घोषणा पत्र

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बीसलपुर। गन्ना विभाग की टीमों ने सभी 1.12 लाख किसानों के खेतों में खड़े गन्ने का सर्वे तो कर लिया है, मगर इनमें से एक भी किसान ने घोषणा पत्र नहीं भरा है। इसको लेकर गन्ना विभाग के अधिकारी असमंजस में हैं।
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प्रदेश के गन्ना आयुक्त के निर्देश पर इस गन्ना समिति क्षेत्र में भी पांच मई से गन्ने का सर्वे शुरू हो गया था। सर्वे को लेकर 50 टीमें लगाई गई थी। सभी टीमों में एक-एक कर्मचारी ऐसा भी था, जो किसानों को घोषणा पत्र ऑनलाइन भरने का तरीका बता रहा था। किसानों को यह भी बताया गया कि जो किसान घोषणा पत्र ऑनलाइन नहीं भरेंगे उनका सट्टा चालू नहीं होगा। सभी किसानों ने घोषणा पत्र ऑनलाइन भरने का आश्वासन दिया था, जिससे सर्वे करने वाली टीमें निश्चिंत हो गई थीं। टीमों ने 10 जुलाई को सर्वे पूरा कर लिया। यह सर्वे सहकारी गन्ना विकास समिति से संबद्ध किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा, डालमियां शुगर मिल निगोही, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल मकसूदापुर, द्वारिकेश चीनी मिल फरीदपुर और ललित हरि चीनी मिल के क्षेत्र में हुआ है। सर्वे में पीलीभीत, बरेली और शाहजहांपुर जिले के भी कई गांवों के किसान शामिल हैं। इधर, सर्वे तो पूरा हो गया, लेकिन एक भी किसान ने अभी तक घोषणा पत्र ऑनलाइन नहीं भरा है। जिससे गन्ना विभाग और चीनी मिलों के अधिकारी असमंजस में हैं। नवीनतम शासनादेश के तहत जो किसान ऑनलाइन घोषणा पत्र नहीं भरेंगे, उन किसानों के सट्टे नहीं होंगे और उन्हें गन्ने की पर्चियां भी नहीं मिलेगी। किसानों को जब गन्ने की पर्चियां ही नहीं मिलेगी तो चीनी मिलों को गन्ना कहां से मिलेगा। यह बात सोचकर गन्ना विभाग के अधिकारी काफी परेशान हैं।
ऑनलाइन घोषणा पत्र न भरने के माने जा रहे यह कारण
अधिकांश किसानों के पास एंड्राइड फोन नहीं है। वह लोग पैसे खर्च कर साइबर कैफे के माध्यम से ऑनलाइन घोषणा पत्र भर नहीं रहे। किसानों का मानना है कि चीनी मिलों के अधिकारियों को गन्ना चाहिए होगा तो वह लोग स्वयं किसानों के पास आकर घोषणा पत्र भरवा लेंगे। अधिकांश किसान ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने के प्रति गंभीर नहीं है।
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20 जुलाई से चलेगा विशेष अभियान
20 जुलाई से 31 अगस्त तक गन्ना विभाग और चीनी मिलों के कर्मचारी गांव-गांव जाकर गन्ना सर्वे का प्रदर्शन करेंगे। उसी दौरान सभी गन्ना किसानों के घोषणा पत्र ऑनलाइन भरवाएंगें। 31 अगस्त तक सभी गन्ना किसानों के घोषणा पत्र हर हालत में भरवा लिए जाएगा।
- जितेंद्र कुमार मिश्रा, जिला गन्ना अधिकारी पीलीभीत
सातवें दिन खत्म हुआ किसानों का धरना
गन्ना समिति परिसर में गन्ना मूल्य भुगतान का ब्याज दिलाने की मांग को लेकर किसानों द्वारा छह जुलाई से चलाया जा रहा धरना सोमवार शाम समाप्त हो गया है। निषाद पार्टी ने भी किसानों को समर्थन दिया है।
किसान मजदूर मोर्चा से जुड़े किसानों ने गन्ना मूल्य भुगतान का ब्याज दिलाने की मांग को लेकर छह जुलाई से सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में धरना शुरू कर रखा था। सोमवार को अंतिम दिन धरने पर मोर्चा के मंडल संयोजक गुल्लू पहलवान, अलीशेख, छोटेलाल, हरनंदन, छेदालाल, रामचंद्रलाल, संजीव कुमार, सतीश कुमार, हेतराम, सुभाषचंद्र, लालता प्रसाद, प्रमोद कुमार, रामनरेश तिवारी, राकेश तिवारी, नत्थूलाल, वंटू और छत्रपाल आदि किसान बैठे। शाम को निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव राजपाल कश्यप ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया। इसके बाद धरना खत्म कर दिया गया।
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