पीलीभीत/माधोटांडा। संपूर्ण समाधान दिवस में इस बार भी फरियादियों को मायूूसी हाथ लगी। अधिकारियों की मौजूदगी के बाद भी शिकायतों के समाधान को गति नहीं मिल सकी। शिकायत पत्र जमा किए गए और संबंधित विभाग को जिम्मेदारी देकर नई तारीख दे दी गई। पांच तहसीलों में हुए आयोजन में कुल 138 शिकायतें आईं, मगर निस्तारण सिर्फ 19 का ही कराया जा सका। सर्वाधिक निस्तारण डीएम एसपी की अगुवाई में हुए कलीनगर तहसील में कराया गया।
माह का पहला संपूर्ण समाधान दिवस मंगलवार को सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक सभी तहसीलों में आयोजित हुआ। मौसम साफ होने से फरियादियों की संख्या भी बीते दिनों की अपेक्षा अधिक रही। फरियादी अपनी शिकायतें लेकर अफसरों से रूबरू हुए, मगर निस्तारण नहीं मिल सका। डीएम पुलकित खरे, एसपी जयप्रकाश, प्रभारी सीडीओ योगेंद्र कुमार पाठक, सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी यहां मौजूद थे। कोविड नियमों का पालन कराते हुए फरियादियों को सुना गया। यहां कुल 37 शिकायतें आई, इसमें से 12 का ही निस्तारण कराया जा सका। अधिकांश शिकायतें जमीन के विवादों से जुड़ी थी। इसमें जांच कर कार्रवाई को टीम बना दी गई। सदर तहसील में एसडीएम अविनाश चंद्र मौर्य, सीओ सिटी वीरेंद्र विक्रम ने सुनवाई की। यहां भी निस्तारण की गति बेहद धीमी रही। कुल 42 शिकायतें सामने आईं, मगर निस्तारण सिर्फ चार शिकायतों का ही कराया जा सका। अमरिया तहसील में एसडीएम रामदास ने सुनवाई की। यहां भी फरियादी तो पहुंचे, लेकिन शिकायतों का निस्तारण बेदम ही रहा। 20 शिकायतों में सिर्फ दो का निस्तारण हुआ। अन्य को नई तारीख दे दी गई।
जमीन पर हो गया कब्जा, सुनवाई नहीं
हमारी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। कई बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत कर चुके हैं। हर बार नई तारीख मिल जाती है। मगर समाधान नहीं हो सका है। इस बार डीएम ने आश्वस्त किया है तो कुछ उम्मीद हैं। - नीलिमा मंडल, कंजिया सिंहपुर
कई चक्कर लगाए, मगर अपात्रों को मिल गए आवास
परिवार की आर्थिक स्थित बेहद खराब है। किसी तरह मजदूरी कर गुजर बसर कर रहे हैं। कई बार आवेदन कर चुके हैं, मगर आवास नहीं मिल सका है। सूची में नाम ही शामिल नहीं किया जाता। अपात्रों को आवास दे दिए जाते हैं। हर बार उम्मीद में गुहार लगाते हैं। - चमेली देवी, कलीनगर
न बेटे का सुराग लगा, न कोई मदद मिली
छह माह पूर्व नाव पलटने से शारदा नदी में बेटा डूब गया था। उसका अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। बेटे की उम्मीद तो खो चुके हैं। कुछ मदद मिल जाए, इसके लिए लगातार तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। वहां भी सुनवाई नहीं हो रही। - राधे राना, ढकिया ताल्लुके महाराजपुर
एक साल से कर रहे शिकायत, सुनवाई नहीं
एक साल से गांव में सफाईकर्मी गांव में नहीं आ रहा। हर तरफ गंदगी फैली हुई है। हर बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत करते हैं। मगर कोई भी समाधान नहीं हुआ। अधिकारी दिखवाने की बात कहकर टाल देते हैं। - शंकरलाल वर्मा, गांव दियोहना
20 वर्षों से बनी है समस्या
खेत तक जाने को रास्ता नहीं है। चकरोड की मांग डेढ़ दशक से करते चले आ रहे हैं। संपूर्ण समाधान दिवस के अलावा भी अधिकारियों से मिल चुके। हर बार आश्वासन देकर टाल दिया गया। एक बार फिर उम्मीद लगाते हुए गुहार लगाई है। - तुलसीराम ,ग्राम गुलड़ा मचवापुर
संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाले शिकायतों को गंभीरता से निस्तारण कराया जाता है। इसकी समीक्षा भी कराई जाती है। समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। शिकायतों का निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्राथमिकता है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - पुलकित खरे, डीएम