फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फुटपाथ पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा, कार्रवाई सिर्फ खोके-फड़ वालों पर

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। शहर को खूबसूरत बनाने के लिए भले ही शासन स्तर से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हों, लेकिन अफसरों की उदासीनता के चलते स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। शहर की सड़कों पर अतिक्रमणकारी लंबे समय से काबिज हैं। दुकानों के आगे फुटपाथ घेरकर सामान रखा जाता है। नतीजतन सड़कें संकरी होती चली गई और प्रशासनिक अमला निगाहें फेरे रहा। मानो की अस्थाई अतिक्रमणकारियों के भीतर प्रशासन को खौफ खत्म हो जा रहा है। अतिक्रमण के लिए जितने कसूरबार अतिक्रमणकारी है उससे कहीं ज्यादा वे अफसर कसूरबार है, जिनको शहर को अतिक्रमणमुक्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। अमर उजाला ने गुरुवार को शहर के प्रमुख स्थानों की पड़ताल की तो शहर अतिक्रमण के जाल में घिरा मिला।
विज्ञापन

लोहा मंडी: सड़कों पर ही सजा ली दुकान
अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन की ओर से की गई सख्ती का अतिक्रमणकारियों पर कितना असर पड़ रहा है। इसकी हकीकत शहर के लोहा मंडी की सड़क पर दिखाई दी। कारोबार के जद्दोजहद में अधिकांश दुकानदार सामान को सड़क पर ही सजा रहे हैं। इसके अलावा विक्रेताओं की बाइक भी सड़क की व्यवस्थाओं को बदतर करती दिखी। आलम यह है कि यदि एक भी कार या कोई चौपहिया वाहन यहां पहुंच जाए तो निकलना आसान नहीं होगा।
जेपी रोड: सड़क नहीं ये तो पार्किंग स्थल है
शहर का जेपी रोड भी अस्थाई अतिक्रमण के चपेट में घिरता जा रहा है। यहां भी अधिकांश दुकानदारों ने खरीदारों को लुभाने के लिए अपने दुकान के सामान को सड़क पर ही सजा दिया है। बाकी कसर खरीदारी करने आने वाले ग्राहकों की बाइक पूरी कर रही है। यहां भी प्रशासन की कार्रवाई का थोड़ा भी असर नहीं दिखाई दिया।
विज्ञापन

छिपियान मस्जिद चौराहा: सड़क पर हावी फुटपाथ
शहर के छिपियान मस्जिद चौराहा प्रशासन की कार्रवाई से दूर है। शायद यही वजह है कि यहां के कारोबारियों पर प्रशासन का कोई डर ही नहीं रहता है। सड़क पर फुटपाथ इतना हावी है कि शायद ही कोई वक्त ऐसा हो कि यहां जाम न लगता हो। लेकिन दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें