पीलीभीत। लंबी रूट पर भेजी जाने वाली रोडवेज की बसों पर मनमाने तरीके से चालकों को भेजने का विरोध करना एक संविदा चालक को महंगा पड़ा गया। उसकी संविदा समाप्त कर दी गई है। उधर, अन्य मामलों में दो चालकों पर कार्रवाई की गई है। इसमें एक संविदा और एक रेग्युलर चालक है।
बता दें, आगरा के यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में 29 लोगों की मौत के बाद जारी एमडी के आदेश का पालन न कर परिवहन निगम के अफसरों की मनमानी ने 14 अगस्त को बस स्टैंड पर बवाल करा दिया था। चालकों का आरोप था कि निर्धारित तीन सौ किमी दूरी पर दो चालकों को भेजने के बजाय अफसर अपने चहेते चालकों के रूट पर ही दो चालक भेज रहे हैं। जबकि अन्य बसों पर एक चालक भेजा जा रहा है और अभिलेखों में दो दर्शाएं जा रहे हैं। गुस्साए चालकों ने सुबह सात से करीब 11 बजे तक बसों का संचालन ठप रखा था। वर्कशाप के बाहर सड़क जाम करने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा अनुबंधित बसों पर तो हमेशा से ही एक चालक भेजकर अभिलेखों में दो चालकों की एंट्री दर्शाने का मामला भी उठा था। इससे परिवहन निगम के अफसरों की जमकर फजीहत हुई थी। इसके बाद आनन-फानन में एआरएम वीके गंगवार ने जाम लगाने समेत कई गंभीर आरोप में एक संविदा चालक प्रवेश निगम की संविदा समाप्त कर दी है। इसके अलावा अनुशासनहीनता समेत गंभीर आरोपों में चालक नरेश चंद्र को निलंबित करते हुए एक अन्य संविदा चालक राम निवास शर्मा की भी संविदा समाप्त कर दी है।
जाम लगाने और इसके लिए अन्य चालकों को उकसाने के मामले में संविदा चालक प्रवेश निगम की संविदा समाप्त कर दी गई है। पूर्व में भी चालक को अंतिम चेतावनी दी जा चुकी है। लंबी रूट पर भेजी जाने वाली जिन बसों पर एक चालक भेजा जा रहा वहां निर्धारित किमी पूरा करने पर पांच घंटे रुक कर वापस लौटने के लिए कहा गया है। इसका लिखित आदेश प्राप्त हो चुका है। -वीके गंगवार, एआरएम, पीलीभीत डिपो