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पहले मासूम की बलि की बात दबाई, अब धमकी मिलने की

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बीसलपुर। मासूम की बलि देने के मामले में पीड़ित परिवार पर सुलह का दबाव बनाया जा रहा है। मुख्य आरोपी सुधीर के परिवार के कुछ लोगों द्वारा मासूम के पिता को समझौता न करने पर जान से मारने की धमकी देने की बात कहते हुए पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई है। उधर, अब तक मुख्य आरोपी को पकड़ने में पुलिस अब तक नाकाम है, वहीं अब इंस्पेक्टर ने धमकी की बात को सिरे से झूठा बता दिया।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव पुरैनिया रामगुलाम निवासी प्रेमशंकर का चार वर्षीय पुत्र अरुण 18 नवंबर को लापता हो गया था। दूसरे दिन 19 नवंबर को उसका शव गांव के बाहर तालाब में पड़ा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई, लेकिन कोतवाली पुलिस मामले को डूबकर मरने की बात कहकर टाल गई थी। पिता ने पड़ताल की और दो दिन बाद गांव के सुधीर के खिलाफ बलि देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। इसके बाद अफसरों के संज्ञान लेने पर मामला खुलता चला गया। पुलिस हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दो तांत्रिक समेत 11 को जेल भेज चुकी है। खजाना पाने के लालच में सुधीर ने मासूम की बलि दी थी। अब तक पुलिस सुधीर को नहीं पकड़ सकी है।
अब मासूम के पिता ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर हाथ न आ सके आरोपी के परिजन से खुद को खतरा जताया है। उनका कहना है कि समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा न करने पर धमकी दी जा रही है। पूरा परिवार इन धमकियों से भयभीत हैं। उधर, इस मामले में कार्रवाई को लेकर पहले से लापरवाही के आरोप में घिरी कोतवाली पुलिस का रवैया बदला नहीं है। पिता की ओर से की गई शिकायत को लेकर पुलिस का रवैया लापरवाही भरा है। कोतवाली इंस्पेक्टर मनीराम सिंह का कहना है कि पुलिस आरोपी सुधीर की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। बोले-पीड़ित परिवार को धमकी मिलने की बात गलत है, पीड़ित परिवार पुलिस पर दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहा है।
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