पूरनपुर। गांव फत्तेपुर खुर्द के प्राथमिक स्कूल के स्थानांतरित एकल शिक्षक को आंख मूंदकर नई तैनाती वाले स्कूल को रिलीव कर दिया गया। इससे स्कूल में ताले लटक गए। तीन दिन से बच्चे स्कूल का मेन गेट बंद देखकर शिक्षक के आने का घंटों इंतजार करके घरों को लौट रहे हैं। प्रधान ने इसकी शिकायत अफसरों से की, इसके बावजूद वे नहीं चेते। बीईओ और बीएसए ने तीन दिन से स्कूल बंद रहने के मामले को हल्के में ही लिया।
शासन की ओर से प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा के सुधार के लगातार प्रयास किए जा रहे है। करोड़ों का बजट भी खर्च होता है। प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को इंग्लिश मीडियम भी किया गया, मॉडल स्कूल भी बनाए गए। बच्चों को मिड-डे मील, ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा भी बांटा, मगर शिक्षा विभाग में चलने वाले मोटी कमाई के ट्रांसफर पोस्टिंग के खेल में अफसर स्कूलों की दशा सुधारने नहीं दे रहे।
तहसील क्षेत्र के गांव फत्तेपुर खुर्द का प्राथमिक स्कूल इसका जीता जागता उदाहरण है। इस स्कूल में 78 बच्चे पंजीकृत है। एक साल पहले दो शिक्षकों की तैनाती की गई थी। जुलाई में शिक्षक सतेंद्र कुमार का तबादला दूसरे स्कूल में कर दिया गया। तब से स्कूल में एकल शिक्षक राजीव कुमार पढ़ाते चले आ रहे थे। प्रधान आशुतोष दीक्षित ने बताया कि एकल शिक्षक राजीव का हाल ही में इंग्लिश मीडियम स्कूल में स्थानांतरण कर दिया गया। स्कूल में दूसरे शिक्षक की तैनाती किए बगैर राजीव को चार दिन पहले रिलीव कर दिया। शुक्रवार से स्कूल में ताले लटक गए। तब से बच्चे स्कूल पहुंचकर वापस हो रहे हैं। गेट में ताला लटका मिलने पर शिक्षक के आने का घंटों इंतजार कर बच्चे घरों को लौट जाते हैं। मोबाइल से अफसरों से शिकायत की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
फत्तेपुर खुर्द के प्राथमिक स्कूल में राजीव कुमार के तबादले के बाद समीप के स्कूल के शिक्षक को भेजने को कहा गया था। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि शिक्षक को जिम्मेदारी दे दी गई है। शिक्षक जल्द ही ज्वाइन करके शिक्षण कार्य सुचारू कराया जाएगा। -देवेंद्र स्वरूप, बीएसए