पीलीभीत। फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के अभिनय के फैन बहुत हैं, लेकिन जब से उन्होंने जेएनयू में पहुंचकर हिंसा पर टिप्पणी की। तब से उनकी फिल्म छपाक विवादों में आ गई। युवाओं ने फिल्म का विरोध शुरू कर दिया तो सिनेमा हॉल मालिक भी फिल्म से किनारा कर गए। हॉल मालिकों ने विवादित फिल्म शहर में लाने से हाथ खींच लिए। छपाक फिल्म पीलीभीत के दोनों सिनेमा घरों में लगाने का हॉल मालिकों ने मन नहीं बनाया है।
देश की राजधानी दिल्ली में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में कन्हैया कुमार के कार्यक्रम में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण बीते दिनों पहुंची थीं। उन्होंने जेएनयू में हुई हिंसा का विरोध किया था। इसके बाद से अभिनेत्री पादुकोण हिंदुवादी संगठनों के निशाने पर आ गईं। एसिड अटैक पीड़िता की कहानी पर बनी उनकी फिल्म छपाक पर विवाद शुरू हो गया। वैसे तो जेएनयू में पहुंचने के अलावा भी इस फिल्म को लेकर कई अन्य विवाद सामने आए। इसमें एसिड डालने वाले के नाम को लेकर भी कुछ संगठन नाराजगी जता चुके हैं। सोशल साइट्स पर इस बात का खुलकर इजहार किया गया कि जिस तरह के व्यक्ति की कहानी पर आधारित फिल्म छपाक बनी है, उसका असली नाम से मिलता जुलता नाम फिल्म में भी रखा जाना चाहिए था। मगर, फिल्म में जो बहुसंख्यक के नाम पर एसिड हमलावर का नाम रखा गया है। इसके चलते फिल्म के प्रदर्शन पर विरोध की चेतावनी भी दी गई।
तराई के जनपद पीलीभीत में हालांकि किसी संगठन की ओर से खुलकर विरोध का एलान तो नहीं किया गया, लेकिन जेएनयू में दीपिका के पहुंचने और नाम को लेकर चल रहे विरोध का असर सोशल मीडिया पर जरूर छाया हुआ है। शुक्रवार को रिलीज हो चुकी फिल्म भले ही अभी विवादों पर सुर्खियां बटोर रही हो, मगर इसको देखने का उत्साह न तो शहर के युवाओं में है। न ही शहर में छपाक फिल्म लाने की कोई सिनेमा हॉल मालिक सोच रहा है। शहर के सिनेमा हॉल मालिक इस फिल्म को अभी लाने से बचने में ही भलाई समझ रहे हैं। फिल्म को लेकर चल रही राजनीति में फंसकर किसी तरह के विरोध में कोई परेशान नहीं होना चाहता। ऐसे में यहां यह फिल्म फिलहाल किनारे कर दी गई। अभी विशाल टाकीज में फिल्म तानाजी लगी है। उसमें दर्शक सामान्य तरीके से फिल्म देखने पहुंच रहे हैं।