36 घंटे के निर्जला व्रत का हुआ परायण
सूर्योदय होते ही व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही व्रती महिलाओं का 36 घंटे के निर्जला व्रत का परायण हो गया। इसी के साथ चार दिनों तक चलने वाले महापर्व छठ का समापन हो गया। इस दौरान व्रती महिलाओं ने पुरुषों को टीका लगाया तथा पुरुषों ने महिलाओं की मांग में सिंदूर लगाया। साथ ही सुहाग की दीघार्यु होने की कामना की। इस दौरान पूर्वांचलवासियों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
बिखरी भोजपुरी गीतों की छटा
छठ महोत्सव के समापन पर सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पूर्वांचल और बिहार के रहने वाले परिवारों के बच्चे, महिलाएं और पुरुष छठ मैया के गीतों पर जमकर थिरके। महिलाओं ने व्रत परायण के बाद छठ मैया के गीत गाए। छठ मैया के भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया।