गांव पिपरिया लाला निवासी कुसमा देवी की हत्या के मामले में इंस्पेक्टर ने बरेली जाकर मृतका के घायल पति सीताराम के बयान दर्ज किए हैं। घटना के चश्मदीद गवाह सीताराम ने घटना वाले दिन जो बयान दिए थे उससे शुक्रवार को वह पलट गया। इससे संपत्ति को लेकर हत्या होना मानकर घटना के खुलासे में जुटी पुलिस उलझ गई है।
गांव पिपरिया लाला निवासी सीताराम के घर 14 अगस्त को आधी रात के बाद करीब सुबह तीन बजे घुसे बदमाशों ने सो रही उसकी 50 वर्षीय पत्नी कुसमा देवी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोली चलने की आवाज पर उठे सीताराम ने बदमाशों से भिड़ने की कोशिश की तो उसे भी गोली मारकर घायल कर दिया था।
पुलिस ने सीताराम के भतीजे रामनिवास की ओर से दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ने शुक्रवार की देर रात बरेली पहुंचकर एक अस्पताल में भर्ती घायल सीताराम के बयान लिए। उन्होंने बताया कि सीताराम ने पहले दरोगा जसपाल सिंह ग्वाल को घटना के वक्त दो बदमाशों के होने की जानकारी दी थी, लेकिन अब पूछताछ में पूर्व दिए गए बयान से सीताराम मुकर गया है।
उसने बताया कि घटना के बाद जैसे घर में कमरों की ओर भागा। तभी बदमाशों ने पीछे से उसकी पीठ में कंधे के पास गोली मारी। बदमाश कितने और कौन थे, वह नहीं देख सका। इंस्पेक्टर ने बताया कि सीताराम ने लूट और रंजिश की घटना से इनकार किया है। अभी संपत्ति को लेकर ही कुसमा की हत्या होना मानकर जांच की जा रही है। सीताराम के पूरी तरह से स्वस्थ होने पर दोबारा बयान लिए जाएंगे। उधर, पुलिस ने घटना के खुलासा के लिए मृत कुसमा देवी के दो रिश्तेदारों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।