सहकारी गन्ना विकास प्रबंध समिति की बैठक में गन्ना कृषक महाविद्यालय में
मिट्टी भराव और अवैध नियुक्तियों को लेकर जम कर हंगामा हुआ। इस मुद्दे पर
चेयरमैन और गन्ना परिषद के पूर्व चेयरमैन में भी जमकर नोकझोंक हुई। बैठक
में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान और समिति कमीशन बकाया होने पर चीनी मिलों को
नोटिस जारी करने का भी निर्णय लिया गया।
सहकारी गन्ना प्रबंध समिति की
गुरुवार को चेयरमैन श्रीकांत सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में
पिछली कार्रवाई की पुष्टि पर गन्ना परिषद के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मीकांत ने
अन्य संस्थाओं को भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों के नाम गलत ढंग से भेजने का
आरोप लगाते हुए पिछली बैठक की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। लक्ष्मीकांत
भारद्वाज का कहना था कि पहली बैठक चुनाव अधिकारी की मौजूदगी में होनी चाहिए
थी। हालांकि चेयरमैन का कहना था कि चुनाव अधिकारी का बैठक से कोई मतलब ही
नहीं है। बैठक में इसके अलावा गन्ना कृषक महाविद्यालय में मिट्टी भराव और
अवैध नियुक्तियों का मामला भी उठा। गन्ना परिषद के पूर्व चेयरमैन का कहना
था कि पूरा मिट्टी भराव किए ही ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। जबकि
चेयरमैन का कहना था कि शतप्रतिशत भुगतान नहीं हुआ। जितना कार्य हुआ उससे कम
का भुगतान किया गया है। गन्ना कृषक महाविद्यालय में अवैध नियुक्तियों पर
दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। हंगामे की स्थिति पर अन्य संचालकों ने
दोनों लोगों को समझाकर हंगामा शांत करा दिया। बैठक में गन्ना मूल्य भुगतान
पर समिति सचिव देव सिंह राना ने बताया कि चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य
भुगतान का 8375.15 लाख रुपये बकाया है। पूरनपुर के अलावा अन्य किसी चीनी
मिल ने समिति का कमीशन भुगतान नहीं किया है। इस पर मिलों को नोटिस जारी
करने का निर्णय लिया गया। संचालक हरदेव सिंह ने गन्ना सर्वे में किसी किसान
का सर्वे न छुटने, संचालक ऊषा सिंह ने डेलीगेट से संपर्क कर क्षेत्र गन्ना
सर्वे कराने का प्रस्ताव रखा। चेयरमैन श्रीकांत सिंह ने कहा कि फर्जी
सट्टा कर्मचारी न बनाए। जांच में मामला पकड़े जाने पर कर्मचारी के खिलाफ
कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। बैठक का संचालन सचिव देव सिंह राना ने किया।
बैठक में एससीडीआई सुनील कुमार शुक्ला, उपाध्यक्ष स्वदेश सिंह यादव, मोहन
सिंह, स्वराज सिंह, हरप्रसाद, हरनाम सिंह, गिरधारी लाल आदि थे।
सर्वे में किसानों से मौजूद रहने का आह्वान
पूरनपुर।
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सुनील कुमार शुक्ला ने गांव हरीपुर किशनपुर
में गन्ना सर्वे का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि
गन्ना सर्वे अपने सामने कराने को किसान खेतों में नहीं पहुंच रहे हैं।
किसान अपनी मौजूदगी में सर्वे कराए। सर्वे के बाद इस बार सर्वे नहीं हुआ
आदि की शिकायतों को नहीं सुना जाएगा।