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टूटे खंभे से हो रही विद्युत आपूर्ति

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पीलीभीत। स्टेशन चौराहे के पास पिछले काफी समय से नीचे से टूटे पोल से सप्लाई चल रही। जबकि दुकानदारों ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन विभाग अनजान बना हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि विभाग दुर्घटना के इंतजार में है।
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बिजली विभाग की लापरवाही के चलते स्टेशन चौराहे से चंद कदमों की दूरी पर हनुमान गली की मोड़ पर लगा विद्युत पोल पिछले कई माह से टूटा हुआ है। जहां दिनभर भीड़ भाड़ रहती है और स्टेशन जाने वाले बाहर के यात्री भी गुजरते हैं। जिसकी शिकायत दुकानदारों ने कई बार विभाग से की, लेकिन अभी तक न ही पोल बदला गया और न ही सप्लाई बंद की गई। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। दुकानदार संजीव मोहन ने बताया कि यह से चीनी मिल को जाने वाले वाहनों के गुजरते समय डर बना रहता है। विभाग जान बूझकर अनजान बन हुआ है और दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। जबकि स्कूली बच्चों को खतरा बना हुआ है।
छह साल बाद भी उपकेंद्र का निर्माण अधूरा
पीलीभीत। अमरिया क्षेत्र में ग्राम उदयपुर माफी में बनवाए जा रहे स्वास्थ्य विभाग के उपकेंद्र का निर्माण कार्य छह साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। गांव निवासी अकील अहमद ने डीएम को शिकायती पत्र देकर निर्माण कार्य पूरा करवाने की मांग की है। गांव उदयपुर निवासी अकील अहमद ने बताया कि शासन ने उदयपुर माफी में छह साल पहले उपकेंद्र बनने के लिए सात लाख रुपये स्वीकृत किए थे, लेकिन आज तक निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। उन्होंने बताया कि जब इस संबंध में बीएचडब्ल्यू शोभा शर्मा से जानकारी की गई तो उनका कहना है कि जितना धन मिला था वह खर्च हो गया। उन्होंने डीएम से मामले की जांच कराकर जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।
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दोपहर बाद शोपीस बन जाते हैं बिजली के पंखे
बीसलपुर। बिजली पूरे दिन न रहने के कारण रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर लगे बिजली के पंखे दोपहर बाद शोपीस बन जाते हैं। नगर मेें बिजली के रहने का समय शाम को छह बजे से रात 12 बजे तक और दिन में सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक का है। दिन में 12 बजे तक बिजली रहने के कारण रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर लगे पंखे चलते रहते हैं, लेकिन उसके बाद पंखे बंद हो जाते हैं। भीषण गर्मी दोपहर 12 बजे के बाद ही पड़ती है। जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। नियमानुसार बिजली न होने पर प्लेटफार्म के पंखों को जनरेटर से चलाया जाना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा कोई बंदोबस्त नहीं है। इस अव्यवस्था को लेकर यात्रियों में रेल विभाग के अधिकारियों के प्रति रोष है। यद्यपि इस बीच जागरुक यात्रियों  ने विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान कई बार आकर्षित कराया, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस बाबत स्टेशन मास्टर राजेंद्र मीणा ने बताया कि वह इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र भेज रखे हैं।
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