विश्वजीत त्रिपाठी ने भी विकास कार्यों को लेकर अपनी बात रखी। रिंकू पांडेय ने गड्ढामुक्ति अभियान पर सवाल उठाए कहा कि शहर की सड़कों को देख लीजिए। यहां सिर्फ गड्ढे ही दिखेंगे। मेडिकल कॉलेज बना लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं अब तक बेहतर नहीं हुईं। अंकुर अग्रवाल का तर्क था कि मौजूदा सरकार में कई काम हुए। स्वास्थ्य सेवाएं सुधरीं। सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर रिंकू और अंकुर ने अपने-अपने तर्क भी दिए।
युवा मोहाज का कहना था कि मानव-वन्य जीव संघर्ष रोकने को ठोस रणनीति क्यों नहीं बनाई जाती। कहा कि रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास बना दिए गए। इनमें पानी भर जाता है, कोई सुनने वाला नहीं। अंकुर अग्रवाल ने कहा कि उम्मीदवार को लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं है। बाहरी का मुद्दा ही नहीं है। राकेश कुमार, प्रदीप कुमार अग्रवाल, अचल पांडेय व रवि बजाज ने भी पीलीभीत के मुद्दों पर अपनी बात रखी।