अतिवृष्टि व
ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय
खेम मजदूर सभा (खेमस) ने गांव कल्यानपुर नौगवां बाजार के समीप प्रदर्शन कर
केंद्र व प्रदेश सरकार का पुतला फूंका।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे
कामरेड बाबूराम ने कहा कि अच्छे दिन लाने वाली केंद्र सरकार न तो किसानों
का गन्ना भुगतान करा रही है और न ही ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से पीड़ित
किसानों के आसूं पोंछ रही है। प्रदेश की अखिलेश सरकार से गठजोड़ करने में
जुटी है। किसानों की फसल बर्बादी का अभी तक सर्वे भी नहीं करा सकी। कृषि
प्रधान देश के किसान मौत को गले लगा रहे हैं। पुतला दहन के दौरान मनोहरलाल,
बाबूराम, रूपलाल, शांतीस्वरूप, लल्लू, श्रीकृपा, नरायनलाल, नत्थूलाल आदि
मौजूद रहे।
पूरनपुर में भ्ाी गरजे
पूरनपुर। अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा ने श्रम कानून और भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के विरोध में एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम कार्यालय मेें दिया।
कार्यकर्ता, भाकपा (माले) कार्यालय से जुलूस की शक्ल में एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन कर धरना दिया। धरना स्थल पर हुई सभा में राष्ट्रीय पार्षद देवाशीष राय ने कहा कि श्रम काननू में संशोधन कर मजदूरों का न्यूनतम अधिकार छीना जा रहा है। मनरेगा योजना को समाप्त करने की योजना बनाई जा रही है।
भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के नाम पर किसानों का भूमि से अधिकार छीनने की योजना है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
सभा में देवीदयाल ने बारिश/ओलावृष्टि पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग की। दिए गए ज्ञापन में मनरेगा मजदूरों को दो सौ दिन और दो सौ रुपये मजदूरी देने, भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को वापस लेने, प्राकृतिक आपदा पर मरे किसानों के परिवार वालों को दस-दस लाख मुआवजा देने, फसल नुकसान पर बीस हजार रुपये प्रति हेक्टेअर मुआवजा देने, किसानों के कर्ज माफ कराने की मांग की गई।