पीलीभीत। जिला अस्पताल आने वाले मोतियाबिंद के मरीजों के लिए राहत की खबर है। मेडिकल कॉलेज की ओर से शासन से अनुमति लेने के बाद फेको मशीन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। संभावना है कि सितंबर से यहां ऑपरेशन शुरू कर दिए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल में अब तक मोतियाबिंद का ऑपरेशन सामान्य शल्य प्रक्रिया के द्वारा किया जाता था। जबकि फेको मशीन से मोतियाबिंद में लैंस डालने की सुविधा सिर्फ निजी अस्पतालों में थी, लेकिन अब जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के रहने वाले मरीजों को जिला अस्पताल में निशुल्क यह सुविधा मिलने वाली है।
इससे ऑपरेशन सुरक्षित व बिना टांके के होता है, इसमें मरीज के बड़ा चीरा लगाने की जरूरत नहीं होती। जिससे आंख जल्दी ठीक हो जाती है और दृष्टि में सुधार तुरंत दिखाई देने लगता है। इस प्रक्रिया में केवल कुछ मिनट लगते हैं और मरीज उसी दिन घर जा सकता है। नेत्र विभागध्यक्ष डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि फेको मशीन द्वारा मोतियाबिंद के शल्य की शासन से अनुमति मिल गई है, टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इसी के साथ स्टाफ को फेको विधि का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अनुमान है कि सितंबर में स्वीकृत कंपनी के द्वारा मशीन जिला अस्पताल को उपलब्ध हो जाएगी।
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निजी अस्पताल में मरीजों से होती है वसूली
मोतियाबिंद के ऑपरेशन आजकल आम हो गए हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों से फेको मशीन से मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए दस हजार रुपये से 35 हजार रुपये तक ले लिए जाते हैं, लेकिन जिला अस्पताल में यह सुविधा मरीजों को सरकार की ओर से निशुल्क दी जाएगी।
वर्जन
जिला अस्पताल में लगातार मरीजों के लिए नई सुविधाओं के प्रयास किए जा रहे हैं। फेको मशीन के लिए शासन ने अनुमति के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी है। जल्द ही स्वीकृत कंपनी की ओर से नेत्र विभाग को मशीन मिल जाएगी।
डॉ. संगीता अनेजा, स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय