पीलीभीत। तीन दिन पहले बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए नफीस अहमद अंसारी के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने कोरोना वायरस अधिनियम और निषेधाज्ञा उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक नफीस अहमद अंसारी ने सपा ज्वाइन करने के बाद बिना अनुमति के शहर में जुलूस निकालते हुए कोविड-19 महामारी नियम का उल्लंघन किया था।
सिविल लाइन चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार नेहवाल ने कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि नौ अगस्त को नफीस अहमद अंसारी पुत्र रहीश अहमद अंसारी निवासी केजीएन कॉलोनी नंबर एक थाना कोतवाली बहुजन समाज पार्टी से समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। इसके उपलक्ष्य में नफीस अहमद अंसारी ने अपने साथियों संग थाना कोतवाली क्षेत्र में बिना अनुमति के ढोल नगाड़ों व गाड़ियों के साथ लगभग 60 से 70 लोगों को लेकर शहर में रैली निकाली।
इसमें कोविड 19 की गाइडलाइन, मास्क और दो गज की दूरी का पालन नहीं किया गया। वर्तमान समय में जिले में निषेधाज्ञा भी लागू है। इसका भी जुलूस में उल्लंघन किया गया। पुलिस ने बार-बार माइक से चेतावनी देकर कोविड गाइडलाइन का पालन कराने को कहा लेकिन जुलूस में शामिल लोगों ने पुलिस की एक न सुनीं। पुलिस ने नफीस अहमद अंसारी को भी धारा 144 से अवगत कराया परंतु कोई फायदा नहीं हुआ। जुलूस निकाले जाने के कारण कोरोना महामारी का खतरा बढ़ गया है। पुलिस ने इस मामले में नफीस को नामजद करते हुए 60 से 70 अज्ञात के खिलाफ निषेधाज्ञा उल्लंघन, महामारी अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज कर ली है।
सीओ सिटी वीरेंद्र विक्रम ने बताया कि मुकदमे की विवेचना एसआई मनोज कुमार को सौंपी गई है।
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सत्ताधारी पार्टी द्वारा कोई भी जुलूस निकाला जाता है तो कोविड-19 अधिनियम का उल्लंघन नहीं होता। लेकिन विपक्ष द्वारा अगर किसी मुद्दे को या किसी तरीके का कोई भी कार्यक्रम किया जाता है तो उन पर रिपोर्ट दर्ज कर ली जाती है। संविधान में सभी को बराबरी का हक है।
- नफीस अहमद अंसारी, सपा नेता