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जंगल में कैमरों की निगरानी जारी, जल्द पूरी होगी बाघों की गणना

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टाइगर रिजर्व के जंगल में बाघों की गणना के लिए लगे कैमरे। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना का कार्य किया जा रहा है। जंगल क्षेत्र में 678 कैमरें लगाए गए है। गणना पूरी होने तक कैमरों की स्थिति को परखने के लिए वनकर्मी लगातार निगरानी में जुटे हैं। एक माह तक चलने वाली गणना का कार्य जल्द पूरा हो जाएगा।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल का अनुकूल वातावरण वन्यजीवों के लिए शुरूआत से ही मुफीद है। बेहतर ग्रास लैंड और नहरों का जाल वन्यजीवों के लिए संजीवनी है। यही वजह है कि पीटीआर में अन्य वन्यजीवों के साथ बाघों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। संख्या दोगुनी होने पर पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर को पुरस्कार भी मिल चुका है। बाघों की संख्या जानने के लिए हर दो साल में गणना की जाती है। पिछले साल कोरोना के चलते गणना का कार्य नहीं हो सका था। इधर इस बार दस दिन पूर्व बाघों की गणना कार्य शुरू किया गया। इसके लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की मदद से समस्त रेंजों के वन क्षेत्र में 678 कैमरे लगाए हैं। गणना के दौरान एक जगह पर आमने-सामने दो कैमरें लगाए जाते हैं। एक माह में पूरा होने वाला गणना का कार्य जारी है। हालांकि कैमरों की स्थिति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वनकर्मी लगातार निगरानी में जुटे हैं। जल्द ही गणना का समय भी पूरा हो जाएगा।
पूर्व में चोरी हो गए थे गणना में लगे कैमरे
बाघों की गणना के लिए जंगल में लगाए गए कैमरों की निगरानी को लेकर अफसर गंभीर है। वजह यह है कि पूर्व में गणना के दौरान जंगल क्षेत्र में घुसकर कैमरों को चोरी करने की घटनाएं भी सामने आई थी। हालांकि चोरी करने वालों की वहां लगे दूसरे कैमरे में तस्वीर कैद हो गई थी। जिसके माध्यम से चोर को ट्रेस कर कार्रवाई को भी अमल में लाया गया था।
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पीटीआर में गणना का कार्य चल रहा है। गणना में लगे कैमरों की स्थिति के साथ सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वनकर्मियों को लगातार निगरानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर
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