क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी, तीन टीमें लगातार कर रहीं गश्त
पीलीभीत। दियूरा गांव में तेंदुए की बढ़ती सक्रियता को लेकर विभाग ने गंभीरता बरतनी शुरू कर दी है। तेंदुए को पकड़ने की अनुमति मिलने के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया है। साथ ही तीन टीमों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। तेंदुए को लालच देने के लिए रात के समय पिंजरे में बकरी को भी बांधा जा रहा है।
गजरौला क्षेत्र के दियूरा गांव की सीमा में एक सप्ताह पूर्व खेतों में पहुंचे तेंदुए ने कृषि कार्य में जुटे पांच ग्रामीणों को घायल कर दिया था। हमलावर तेंदुए की घेराबंदी कर ग्रामीणों ने उसके पैर अंगोछे से बांध दिए थे। हालांकि मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम तेंदुए को रेस्क्यू वाहन से ले गई थी। जांच-पड़ताल के बाद तेंदुए को पीटीआर के जंगल में छोड़ दिया गया था। हालांकि इसके बाद भी क्षेत्र में दूसरे तेंदुए की चहलकदमी देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत कम नहीं हो सकी थी। जानकारी होने पर वन विभाग की टीम भी सक्रिय हुई थी। निगरानी बढ़ाने के साथ ही लोगों को भी जागरूक करने पर जोर दिया गया।
इधर, स्थिति को देखते हुए वन एवं वन्यजीव प्रभाग के अधिकारियों ने तेंदुए को पकड़ने की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद रविवार को क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया गया। तेंदुए की चहलकदमी पर नजर रखने के लिए तीन टीमों को आठ-आठ घंटे की ड्यूटी पर लगाया गया है। रात के समय भी टीम निगरानी में जुटी है। इसके साथ ही तेंदुए को लालच देने के लिए रात के समय पिंजरे में बकरी को भी बांधा जा रहा है।
डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि दियूरा क्षेत्र में पिंजरा लगवाया गया है। टीमें नियमित निगरानी में जुटी हैं। हालांकि तेंदुए की चहलकदमी ट्रेस नहीं हो सकी है। टीम को गंभीरता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद